लैपटॉप चुराने वाली गैंग पर शिकंजा, 3 गिरफ्तार

  • 12.77 लाख रुपए का माल बरामद

पिंपरी. बाहर पार्क की गई कारों की कांच तोड़कर उसमें से लैपटॉप और अन्य बहुमूल्य सामान चुराने वाली एक गैंग का पर्दाफाश हुआ है. पिंपरी चिंचवड़ पुलिस की क्राइम ब्रांच के यूनिट 4 की टीम ने इस गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर उनसे 18 लैपटॉप, 3 वाईफाई डोंगल, 7 लैपटॉप बैग, एक कैमरा लेंस, दो दोपहिया आदि कुल 12 लाख 77 हजार 620 रुपए का माल बरामद किया है.

गिरफ्तार आरोपियों में गणेश उर्फ नाना माणिक पवार (नवी मुंबई), बबन  काशिनाथ चव्हाण (तेरे, तांडा-उत्तर सोलापुर), बसू जगदीश चव्हाण (सुरक्षा नगर, हडपसर, पुणे) शामिल हैं. राजेश प्रकाश चव्हाण (अंबुज वाडी मालवणी- मालाड, मुंबई) और मारुती माने पवार (पाणी हिप्परगा तलाव उत्तर-सोलापुर) नामक दो आरोपी फरार हैं, उनकी तलाश जारी है.

सीसीटीवी फुटेज से पकड़ा गया गिरोह

पुलिस आयुक्त कृष्णप्रकाश ने गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में जानकारी देते हुए बताया कि, 6 अक्टूबर को हिंजवड़ी में मिलिंद वेदव्यास रागांवलेकर

की कार की कांच तोड़कर उसमें से 50 हजार रुपए की लैपटॉप बैग चोरी की घटना घटी थी. हिंजवड़ी पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की यूनिट4 की टीम छानबीन में जुटी थी. इस दौरान यूनिट 4 के पुलिस कर्मचारी वासुदेव मुंडे और आदिनाथ ओंबासे को सीसीटीवी फुटेज में एक दोपहिया सवार की हरकतें संदिग्ध लगी. करीबन 100 सीसीटीवी फुटेज से दोपहिया की खोजबीन की गई. इसमें पता चला कि वह दोपहिया गणेश की है और वह मुंबई पुलिस के रिकॉर्ड पर दर्ज शातिर अपराधी है. उसके खिलाफ मुंबई में 24 मामले दर्ज हैं. उसे नवी मुंबई से हिरासत में लिया गया.  

डेढ साल से दे रहे वारदातों को अंजाम

गणेश के बबन और बसू नामक उसके दो साथियों को हड़पसर और सोलापुर से हिरासत में लिया गया. पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने राजेश और मारुति नामक दो साथियों के साथ मिलकर पुणे और पिंपरी चिंचवड परिसर में से गत डेढ़ साल से कारों की कांच तोड़कर लैपटॉप और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं चुराने की 25 से 30 वारदातें की है. चोरी के लैपटॉप सोलापुर में अमोल साहेबराव गुंड और सुलेमान तंबोली को बेचे गए थे. उन्हें हिरासत में लेकर उनसे 12 लाख 77 हजार 620 रुपए का माल बरामद किया गया. इस गैंग से हिंजवड़ी थाने में दर्ज 7, वाकड थाने में दर्ज 3, बंडगार्डन थाने में दर्ज 1 और हड़पसर थाने में दर्ज दो मामले उजागर हुए हैं. गिरफ्तार आरोपी बसु चव्हाण के खिलाफ मुंबई और पुणे में 14 मामले दर्ज हैं. उसे मुंबई से तड़ीपार भी किया गया है. फरार आरोपी राजेश पवार और मारुती चव्हाण के खिलाफ 27 और 3 मामले दर्ज हैं.

इन्होंने ने की कार्रवाई

इस कार्रवाई को युनिट चार के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मोहन शिंदे, सहायक निरीक्षक अमरीश देशमुख, सहायक उपनिरीक्षक आवटे, कर्मचारी प्रवीण दले, नारायण जाधव, संजय गवारे, दादाभाऊ पवार, आदिनाथ मिसाल, संतोष असवले, तुषार शेटे, लक्ष्मण आढारी, मोहम्मद नदाफ, वासुदेव मुंडे, शावरसिद्ध पांढरे, प्रशांत सैद, सुनील गुट्टे, तुषार काले, सुरेश जायभाये, आदिनाथ ओंबासे, धनाजी शिंदे, सुखदेव गावडे, गोविंद चव्हाण, तकनीकी विश्लेषण विभाग के नागेश माली, राजेंद्र शेटे, अतुल लोखंडे के समावेश वाली टीम ने अंजाम दिया.