Screws on gangs who are vulnerable to ATM card cloning

  • बिहार, झारखंड से निकलवाते थे पैसे, 4 आरोपी गिरफ्तार

पिंपरी. होटल में भोजन करने गए ग्राहकों के एटीएम कार्ड क्लोनिंग (ATM Card Cloning) कर उनके बैंक एकाउंट (Bank account) से पैसे निकालने वाली अंतरराज्यीय गैंग ( Interstate Gang) पर शिकंजा कसने में पिंपरी चिंचवड़ पुलिस (Pimpri Chinchwad Police) के साइबर सेल को सफलता मिली है। भोसरी और वाकड़ में सामने आए ऐसे दो मामलों में साइबर सेल ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से तीन आरोपी जिन होटलों के ग्राहकों के साथ डिजिटल घोखाधड़ी की गई, उन होटलों में वेटर की नौकरी करते हैं, यह जानकारी सामने आयी है। 

भोसरी के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में निखिल पाटिल (23)  निवासी देवास, मध्यप्रदेश, खालिद अन्सारी (27) निवासी धानोरी गावठाण, पुणे मूल के निवासी टटकजोरी, करंजो देवघर, झारखंड और वाकड़ के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सद्दाम हुसेन (29), फुरकान अन्सारी (32) दोनों निवासी विशालनगर, पिंपले निलख, पुणे मूल निवासी झारखंड का समावेश है। हुसैन और अंसारी से तीन डेबिट कार्ड स्किमर, एक लैपटॉप, पेन ड्राइव जब्त किया गया है। पुलिस को शक है कि दोनों मामलों के चारों आरोपियों ने करीबन 500 डेबिट कार्ड का डेटा चुराया है।

साइबर सेल के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक डॉ. संजय तुंगार के अनुसार, उमेश आन्वेकर नामक शिकायतकर्ता ने भोसरी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी उनके बैंक एकाउंट में से बिहार से पैसे निकाले जा रहे हैं। साइबर सेल की जांच में पता चला कि उमेश भोसरी के लांडेवाड़ी स्थित एक होटल में खाना खाने गए थे और वहां उन्होंने वेटर को अपना डेबिट कार्ड स्वैप के लिए दिया था।

जब पुलिस ने होटल के वेटर निखिल को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने उमेश के डेबिट कार्ड की जानकारी खालिद को दी थी। खालिद ने वह जानकारी बिहार में अपने अन्य साथियों को इसकी जानकारी दी। उनके साथियों ने उमेश का कार्ड क्लोन किया और क्लोन कार्ड से उमेश के एकाउंट से 50 हजार रुपए निकाले। 

वाकड़ में भी आकाश खोकर नामक शिकायतकर्ता के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ। उनके बैंक एकाउंट में से झारखंड से 15 हजार 900 रुपये निकाले गए। उन्होंने वाकड़ पुलिस थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई। साइबर सेल ने छानबीन के बाद सद्दाम हुसेन और फुरकान अन्सारी को हिरासत में लिया जो कि पिंपले निलख विशालनगर के बार रेस्टोरेंट में वेटर का काम करते थे।

उनके पास से तीन डेबिट कार्ड स्किमर, एक लैपटॉप, एक पेनड्राइव जब्त किया गया। दोनों कार्रवाई को साइबर सेल पुलिस निरीक्षक डॉ. संजय तुंगार, सहायक निरीक्षक सागर पानमंद, अंमलदार अतुल लोखंडे, भास्कर भारती, नितेश बिचेवार की टीम ने अंजाम दिया। डॉ. तुंगार ने लोगों से अपील की है कि कहीं भी अपना डेबिट या क्रेडिट कार्ड स्वाइप करने के दें तो अपने सामने ही स्वाइप कराएं। कार्ड से पेमेंट करते वक्त अपना पिन दूसरों को न बताएं। उन्होंने होटल मालिकों से अपने वेटर और स्टाफ पर नजर रखने को कहा है।