बहुउद्देशीय हॉल इस्तेमाल पॉलिसी पर मुहर, स्थायी समिति ने दी मंजूरी

  • 5 हजार से 25 हजार तक होगा शुल्क

पुणे. महापालिका के कब्जे वाली प्रॉपर्टियों पर बहुउद्देशीय हॉल, समाज मंदिर, क्रीड़ा संकुल का निर्माण किया जाता है. इसमें से बहुउद्देशीय हॉल के इस्तेमाल को लेकर गड़बड़ियां सामने आ रहीं थीं. ऊपर से किसी एक विभाग का इस पर नियंत्रण नहीं था. विभिन्न विभाग आवश्यकता के अनुसार इसका इस्तेमाल करने के लिए देते हैं. इससे इसका विनियोग सही तरीके से नहीं हो पा रहा है. इस वजह से अब इसके इस्तेमाल या विनियोग को लेकर महापालिका प्रशासन द्वारा एक पॉलिसी बनाई गई है. जिसके तहत सांस्कृतिक केंद्र के उपायुक्त का इस पर नियंत्रण रहेगा. साथ ही इस्तेमाल कैसे करना है, इसके भी कई नियम बनाए गए हैं.  महापालिका प्रशासन द्वारा यह पॉलिसी मंजूरी के लिए स्थायी समिति के समक्ष रखी गई थी. इसे समिति ने हाल ही में मंजूरी दी है. ऐसी जानकारी स्थायी समिति के अध्यक्ष हेमंत रासने ने दी.

 किसी एक विभाग का नहीं था नियंत्रण

गौरतलब है कि महापालिका भवन विभाग की ओर से मनपा के कब्जे वाली प्रॉपर्टियों पर विभिन्न तरह की इमारतें बनाई जाती हैं. इसमें क्रीड़ा संकुल, बहुउद्देशीय हॉल यानी मल्टिपर्पज हॉल, समाज मंदिरों का समावेश होता है. इन प्रॉपर्टियों का इस्तेमाल मनपा के प्रॉपर्टी वितरण नियमावली 2008 के अनुसार किया जाता है. समाज मंदिर, मनोरंजन केंद्र का इस्तेमाल समाज विकास विभाग द्वारा किया जाता है. तो क्रीड़ा संकुल का इस्तेमाल क्रीड़ा विभाग द्वारा तो पार्किंग, सदनिका, दुकानों का विनियोग प्रॉपर्टी और प्रबंधन विभाग द्वारा किया जाता है, लेकिन बहुउद्देशीय हॉल का इस्तेमाल इन तीनों विभागों द्वारा विभिन्न तरह से किया जाता है. इस पर किसी एक विभाग का नियंत्रण नहीं है. इससे गड़बड़ियां हो रही थी. इस वजह से अब इसके लिए महापालिका प्रशासन द्वारा नीति बनाई गई है. इसके तहत अब इसका पूरा जिम्मा मनपा सांस्कृतिक केंद्र के उपायुक्त पर रहेगा. साथ ही बनाई गई पॉलिसी पर अमल करने की जिम्मेदारी भी इस उपायुक्त पर ही रहेगी.

नियमावली के तहत इस्तेमाल करना होगा

महापालिका नीति में इस हॉल के इस्तेमाल को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं. इसमें आवेदन के बाद ही हॉल उपलब्ध होगा. उसके लिए 50 प्रतिशत अनामत राशि देनी होगी. लाईट, साऊंड का प्रबंधन संबंधित संस्था या व्यक्तियों को ही करना होगा. साथ ही 1 हजार रुपए का सफाई शुल्क भी निर्धारित किया जाएगा. हॉल के आसपास धुम्रपान जैसा मामला नजर आया तो कार्रवाई होगी. नीति के अनुसार हॉल का कोई नुकसान हुआ, तो उसके लिए भी संबंधित लोग ही जिम्मेदार ही रहेंगे. साथ ही कार्यक्रम के अवसर पर कोई हादसा हुआ तो उसकी जिम्मेदारी मनपा की नहीं रहेगी. साथ ही विभिन्न हॉल के अनुसार शुल्क निर्धारित किए गए है. इसमें अगर पार्किंग रहेगा, तो 1 हजार रुपए अतिरिक्त लिए जाएंगे.  महापालिका प्रशासन द्वारा यह पॉलिसी मंजूरी के लिए स्थायी समिति के समक्ष रखी गई थी. इसे अब मंजूरी दी गई है.

किस तरह से रहेगा शुल्क?

हॉल का क्षेत्रफल              प्रति सत्र                         पूरा दिन

100 वर्ग मीटर              5 हजार रु.                      8 हजार रुपए

200 वर्ग मीटर.            7 हजार 500 रु.              12 हजार रुपए

300 वर्ग मीटर.            10 हजार रु.                    15 हजार रुपए

400 वर्ग मीटर.           12 हजार 500 रु.             20 हजार रुपए

401 वर्ग मी से अधिक  15 हजार रु.                    25 हजार रुपए