छात्रों को नई सामान्य स्थिति अपनाने की जरूरत

पुणे. कोविड-19 के कारण दुनिया और भारत का पर्यटन क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है और कोविड-19 की वजह से हॉस्पिटैलिटी और टूर से संबंधित कोर्स की पढ़ाई कर रहे छात्रों और इन क्षेत्रों में नौकरी चाहने वालों युवकों को भी काफी नुकसान उठाना पड़ा है. 

विपुल सोलंकी, संचालक, लिव ग्लोबल, ट्रैवल एंड टूरिम्म इंस्टिट्यूट के अनुसार कोविड 19 महामारी ने पर्यटन क्षेत्र के छात्रों और नौकरी चाहने वालों को भी चिंतित भविष्य के साथ छोड़ दिया है पर हॉस्पिटैलिटी और टूर से संबंधित कोर्स की पढ़ाई कर रहे छात्रों और संस्थाओं को दुनिया की नई सामान्य स्थिति अपनाने की जरूरत है. इस मौजूदा स्थिति में तकनीकी कौशल में उन्नति पर्यटन क्षेत्र के छात्रों और नौकरी तलाशने वालों को मददगार होगी.  पर्यटन क्षेत्र के छात्रों को कोविड 19 संकट में भी उद्योग में काम करने के लिए तैयार शैक्षणिक संस्थानों को नए पाठ्यक्रम के विकास की आवश्यकता है, जो इस महामारी समय के अनुकूल हो.

यात्रियों के मन पर छाई कोविड-19 सम्बंधित सतर्कता  

विपुल सोलंकी ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र के छात्रों को कोरोना में यात्रा संबंधी दिशा-निर्देश, यात्रा में शारीरिक संपर्क प्रतिबंधक दिशा-निर्देश, नए स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रोटोकॉल, आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल, इन चीजों का अध्ययन करना बहुत महत्वपूर्ण है. क्योंकि अब कोविड-19 सम्बंधित सतर्कता यात्रियों के मन पर छाई हुई है और यह आगामी वर्षों में भी उनके मन में रहने वाली है. जिन छात्रों को सुरक्षा प्रोटोकॉल के बारे में पता है वे ग्राहक को सुरक्षित रूप से सेवा देने में सक्षम होंगे. सोलंकी ने यह भी कहा कि पर्यटन क्षेत्र के छात्रों को अब स्वास्थ्य सेवा और रीटेल सेक्टर में भी अवसर प्रदान हो सकते हैं. क्योंकि इन क्षेत्रों में स्वच्छ और स्थायी प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित लोगों की मांग में वृद्धि होगी. लेकिन इस के लिए शिक्षा संस्थानों को विशेष प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन करना चाहिए. ताकि छात्र स्वास्थ्य सेवा और रीटेल इन नए क्षेत्रों में नौकरी पा सके.