Pimpri Chinchwad Municipal Corporation

    पिंपरी. पुणे- मुंबई हाइवे (Pune-Mumbai Highway) पर पिंपरी चौक में स्थित पिंपरी चिंचवड़ महानगरपलिका मुख्यालय (Pimpri Chinchwad Municipal Corporation Headquarters) की इमारत अब प्रशासकीय कामकाज (Administrative Work) के लिए अपर्याप्त साबित हो रही है। इसके चलते पिछले कुछ साल से महानगरपालिका के नए मुख्यालय के लिए जगह तलाशी जा रही है, जो अब पूरी हो गई है। चिंचवड़ स्थित ऑटो क्लस्टर (Auto Cluster) स्थित 7 एकड़ भूमि में महानगरपालिका  का नया मुख्यालय बनाना तय किया गया है। यहां 550 करोड़ की लागत से मुख्यालय की 13 मंजिला इको फ्रेंडली इमारत का निर्माण किया जाएगा। इसके निर्माण के लिए सुनील पाटिल एन्ड एसोसिएट की बतौर कंसल्टेंट नियुक्ति की गई है। 

    इससे पहले महानगरपालिका के नए मुख्यालय के पिंपरी गांधीनगर स्थित महिंद्रा कंपनी की जमीन तय की गई, गुटनेताओं की बैठक में इसका प्रस्तुतिकरण भी पेश किया गया। सर्व साधारण सभा ने इसका प्रस्ताव भी पारित किया। तत्कालीन महानगरपालिका आयुक्त श्रावण हार्डिकर ने इसकी टेंडर प्रक्रिया भी शुरू की। हालांकि जिले के पालकमंत्री अजित पवार ने इस जगह को नापसंद किया। उनका कहना था कि महानगरपालिका का मुख्यालय फ्रंट में होना चाहिए। अब इस भूमि पर दमकल विभाग का मुख्यालय बनने जा रहा है। इसके बाद महानगरपालिका मुख्यालय के लिए पिंपरी नेहरूनगर स्थित एचए कंपनी और मोरवाड़ी में गरवारे कंपनी की ‘इंडस्ट्रियल टू रेसिडेंशियल’ के अंतर्गत मिली जमीन का विकल्प सामने आया। हालांकि बाद में चिंचवड़ ऑटो क्लस्टर स्थित जमीन मुख्यालय के लिए तय की गई। इसे पालकमंत्री से भी ग्रीन सिग्नल मिल गया है।

    चिंचवड में ऑटो क्लस्टर, सायन्स पार्क, तारांगण जैसे अहम प्रोजेक्ट हैं। यहां बीआरटीएस का प्रशस्त मार्ग है। यहां महानगरपालिका की 35 एकड़ जमीन है। इसमें से 7 एकड़ भूमि पर 13 मंजिला इको फ्रेंडली इमारत का निर्माण किया जाएगा। इस इमारत में महानगरपालिका के सभी विभागों के साथ महापौर समेत सभी पदाधिकारियों और अधिकारियों के कार्यालयों के अलावा प्रशस्त सभागृह, मीटिंग हॉल, कैंटीन, स्वच्छता गृह, प्रशस्त पार्किंग आदि शामिल रहेंगे। बची हुई जमीन पर सिटी सेंटर बनाया जाएगा। भवन के निर्माण की रूपरेखा बनाने, भवन अनुज्ञा पत्र प्राप्त करने, संरचनात्मक डिजाइन, विस्तृत बजट, निविदा संदर्भ और निविदा पश्चात कार्यों के लिए एक सलाहकार की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए 1 जून को नोटिस जारी की गई थी जिसमें चार एजेंसियों ने इस काम के लिए कोटेशन दिया था। इनमें सुनील पाटिल एसोसिएट्स ने 1.95 फीसदी की सबसे कम दर की पेशकश की। उन्हें शुल्क के तौर पर पूर्व निविदा कार्य हेतु स्वीकृत निविदा राशि का 0.50 प्रतिशत और  निविदा उपरांत कार्य हेतु निविदा राशि का 1.45 प्रतिशत होगा। स्थायी समिति ने इसके प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।