Corona Vaccine Shortage: 26 Mumbai Vaccine Centres Shut
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    पुणे. 1 अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना प्रतिबंधक वैक्सीन (Vaccine) देने की शुरुआत होगी, ऐसे में बड़े पैमाने पर रजिस्ट्रेशन (Registration) होने की संभावना है। हालांकि कोरोना प्रतिबंधक वैक्सीन की कमी होने के कारण पिछले कई दिनो से टीकाकरण (Vaccination) की रफ्तार धीमी पड़ गई है। इससे पुणे महानगरपालिका (Pune Municipal Corporation) के सामने एक समस्या हो गई है। इसके साथ ही टीकाकरण को लेकर संदेह भी व्यक्त किया जा रहा है।

    पुणे शहर में 16 जनवरी से कोरोना प्रतिरोधक टीकाकरण की शुरुआत हुई। 1 मार्च से 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को साथ ही 45 वर्ष से अधिक उम्र के बीमार लोगों को वैक्सीन देने की शुरुआत हुई। अब 1 अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को वैक्सीन दिए जाएंगे। शहर के 109 केंद्र पर वैक्सीन दिए जा रहे हैं। इसमें सरकारी और मनपा के अस्पतालों के साथ-साथ प्राइवेट अस्पताल भी शामिल हैं। बीच के समय में हर केंद्र पर उम्मीद से दोगुना तिगुना ज्यादा टीकाकरण हुए हैं। हर रोज के टीकाकरण की संख्या 18 हजार तक पहुंच गई थी।

    वैक्सीन न मिलने की शिकायत 

    हालांकि पिछले कुछ दिनो से कई केंद्र पर से लोगों को वापस आना पड़ रहा है। प्राइवेट अस्पताल में भी टोकन लेने के बाद भी वैक्सीन न मिलने की शिकायत आ रही है। अभी मनपा के पास सिर्फ 7000 हजार डोज ही बचे हुए हैं। हर केंद्र को प्रतिदिन 100 डोज देने हैं तो भी 11 हजार डोज की जरूरत है। हालांकि  टीकाकरण में बाधा न आए इसलिए उद्देश्य से कम डोज दिए जा रहे हैं। अभी ये हाल है तो 1 अप्रैल को क्या होगा? यह चिंता अधिकारी जता रहे हैं। शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कोरोना की समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर से मांग की थी कि केंद्र राज्य को बड़े पैमाने पर वैक्सीन उपलब्ध कराए, साथ ही 25 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को वैक्सीन दी जाए। जावडेकर ने भी आश्वासन दिया था कि जल्द से जल्द वैक्सीन का स्टॉक उपलब्ध कराया जाएगा। इस आश्वासन का क्या हुआ?

    प्रतिदिन 50 हजार वैक्सीनेश का लक्ष्य रखा गया

    इस बारे में पुणे महानगरपालिका कमिश्नर विक्रम कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार से डोज की मांग की गई है। आज यानी 31 मार्च को डोज उपलब्ध हो जाएंगे, ऐसा केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है। साथ ही 1 अप्रैल से वैक्सीनेशन की संख्या बढ़ाने के लिए 8 सरकारी और 223 प्राइवेट अस्पताल का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजा गया है। इन केंद्रो को 1-2 दिन में परमिशन मिल जाएगा। इसके बाद वैक्सीनेशन केंद्र की संख्या 340 हो जाएंगे। बड़े पैमाने पर वैक्सीन के डोज उप्लब्ध होने पर प्रतिदिन 50 हजार वैक्सीनेश का लक्ष्य रखा गया है।