Sanjay Raut

    पिंपरी. विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) के दौरान पिंपरी चिंचवड़ (Pimpri Chinchwad) में तीन में से एक विधानसभा चुनाव क्षेत्र (assembly Constituencies) में जीत से ज्यादा एक ऐतिहासिक हार (Historic Defeat) की जोरदार चर्चा हुई। अब इस चुनाव को दो साल से ज्यादा समय बीत चुका है, हालांकि पिंपरी चिंचवड़ शहर में फिर एक बार उस ऐतिहासिक हार की चर्चा शुरू हुई है। यहां बात हो रही है चिंचवड़ विधानसभा चुनाव क्षेत्र की जहां भाजपा (BJP) के कद्दावर नेता लक्ष्मण जगताप (Laxman Jagtap) को शिवसेना के बागी राहुल कलाटे (Rahul Kalate) ने जोरदार टक्कर दी थी। 

    चिंचवड़ विधानसभा क्षेत्र में चुनावी हार की चर्चा पुनः शुरू होने के पीछे की वजह है शिवसेना के प्रवक्ता और सांसद संजय राउत के पिंपरी चिंचवड़ दौरा। इस दौरे में शिवसैनिकों को संबोधित करते हुए राउत ने 2019 के विधानसभा चुनाव में राहुल कलाटे को पार्टी का टिकट न दे सकने अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि, भाजपा के साथ गठबंधन रहने से कलाटे को टिकट नहीं दिया जा सका। अगर उन्हें ‘धनुष्य बाण’ का चिन्ह मिला होता तो शत प्रतिशत विधायक चुने जाते। शिवसेना नेता के इस बयान के बाद पिंपरी चिंचवड़ में विधानसभा चुनाव के बाद जीत से ज्यादा राहुल कलाटे की ऐतिहासिक हार की चर्चा फिर से शुरू हो गई है। 

    क्या हुआ था विधानसभा चुनाव में

    चिंचवड विधानसभा चुनाव क्षेत्र से राहुल कलाटे ने बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ा था। उनकी टक्कर भाजपा के कद्दावर और बाहुबली नेता लक्ष्मण जगताप के साथ थी। कलाटे को राष्ट्रवादी काँग्रेस, काँग्रेस, मनसे, वंचित बहुजन आघाडी का समर्थन प्राप्त था। हालांकि राष्ट्रवादी के स्थानीय नेताओं ने दिल से साथ नहीं दिए जाने से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि कलाटे ने जोरदार टक्कर दी जिसकी वजह से जगताप को 40 हजार वोटों की मार्जिन पर संतोष जताना पड़ा। उन्होंने जिस तरीके से निर्दलीय रहने के बाद भी चुनाव में एक बाहुबली को टक्कर दी उसकी सराहना हर तरफ हुई। विधानसभा चुनाव के बाद न केवल पिंपरी चिंचवड़ बल्कि पूरे पुणे जिले में जगताप की जीत से ज्यादा कलाटे की हार की चर्चा हुई। इसी कारण शिवसेना के शीर्ष नेताओं को अफसोस है कि वे कलाटे को टिकट न दे सके।

    क्या कहा संजय राउत ने

    हाल ही में शिवसेना के प्रवक्ता और सांसद संजय राउत पिंपरी चिंचवड़ के दौरे पर आए थे। उन्होंने शहर के तीनों विधानसभा चुनाव क्षेत्रवार पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की और उनमें जान फूंकने की कोशिश की। राउत ने शिवसैनिकों को पिंपरी चिंचवड़ महानगरपालिका में शिवसेना का महापौर बनाने के लिए कमर कसने का आह्वान किया। इसी दौरान उन्होंने अपने संबोधन में राहुल कलाटे को टिकट न दे सकने का अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि, राहुल कलाटे चिंचवड़ विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय खड़े थे। उन्हें बिना शिवसेना के चुनाव चिन्ह के सवा लाख वोट मिले। यदि ‘धनुष्य बाण’ का चिन्ह मिल जाता, तो शत-प्रतिशत कलाटे विधायक बन जाते। अगर हम उन्हें एक मौका दे सकते हैं तो, यह आदमी शत-प्रतिशत विधायक बन जाता। लेकिन, हम गठबंधन धर्म का पालन करने वाले लोग हैं। वहां भाजपा पीठ में खंजर घोंपती रही मगर हमारा धर्म कहता है कि गठबंधन धर्म का पालन करना चाहिए। जब महानगरपालिका और विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हो जाते हैं, तब हमें पता चलता है कि भाजपा ने कितना गठबंधन का पालन किया। अब हमें धर्मयुद्ध के विचार को त्यागकर वास्तविक युद्ध की ओर मुड़ना होगा।