Ajit Pawar

  • उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की जानकारी

पुणे. केंद्र सरकार द्वारा पारित किए कृषि विधेयकों पर से पूरे देशभर के किसानों और किसान संगठनों में आक्रोश व्याप्त हो गया है. देशभर में इन विधेयकों को लेकर किसानों का गुस्सा फूट रहा है. इसके मद्देनजर महाराष्ट्र में इन विधेयकों को लागू करने को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं की जाएगी. विशेषज्ञों से राय-मशवरा करने के बाद ही राज्य सरकार ठोस भूमिका अपनाएगी, यह स्पष्टीकरण उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने पुणे में संवाददाताओं से की गई बातचीत में दिया.

गौरतलब है कि कृषि विधेयक के खिलाफ पूरे देश में किसानों का आंदोलन जारी है। इसकी पृष्ठभूमि पर पवार से पूछा गया था कि इन विधेयकों को लेकर राज्य सरकार की क्या भूमिका रहेगी? इस पर उन्होंने उपरोक्त स्पष्टीकरण दिया. मराठा समुदाय को आरक्षण देने के मसले पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मराठा समाज को आरक्षण न मिले, ऐसी भूमिका किसी भी सरकार की नहीं थी. इस मसले का हल निकालने के विपक्षी दलों और मराठा संगठनों से चर्चा जारी है.

 नागरिक नियमों का पालन करें

कोरोना की स्थिति के बारे में पवार ने कहा कि पुणे एक ओर कोरोना संक्रमित मरीज पाए जा रहे तो दूसरी ओर मरीज ठीक होकर घर लौटने का प्रमाण भी बढ़ रहा है. नागरिकों ने अब तक सरकार द्वारा जारी किए गए नियमों का पालन किया है फिर चाहे उत्सव हो या फिर त्यौहार हो. पुणे शहर में कोरोना मरीजों की संख्या दोगुनी होने का कालावधी 80 दिनों पर गया हुआ है. गणेशोत्सव के बाद मरीजों की संख्या बढ़ गई है. इसके चलते अब नवरात्रि और दशहरा के दौरान भी नागरिक नियमों का पालन करें, यह अपील भी उन्होंने की है.

ठोस फैसला किया जाएगा

राज्य में मंदिर, मस्जिद आदि धार्मिक स्थलों को कब शुरू किया जाएगा? इस सवाल के जवाब में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि हमें भी लगता है कि सभी धार्मिक स्थलों को खुला किया जाए. मगर पूरे राज्य में महामारी कोरोना से जो हालात पैदा हुए हैं, उसे को ध्यान में लेते हुए हर एक नागरिक का विचार करने के बाद ठोस फैसला किया जाएगा. जैसा कि आपने देखा होगा गणेशोत्सव के बाद संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती चली गई. इसके चलते काफी विचारपूर्वक फैसले किये जायेंगे.