कला शाखा में पाठ्यक्रमों का आयोजन समय की जरुरत

  • अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों का सहयोग लें
  • पीई सोसाइटी के कार्याध्यक्ष गजानन एकबोटे की अपील

पुणे. आज भारतीय विश्वविद्यालय विदेशों के प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों के साथ हाथ मिलाकर विभिन्न कोर्सेस चलाते हैं. इसी का नतीजा है कि पुणे विश्वविद्यालय और मेलबर्न विश्वविद्यालय ब्लेंडेड केमेस्ट्री बीएससी पाठ्यक्रम चलाया जा रहा है.

इसी तर्ज पर कला शाखा में भी पाठ्यक्रमों पर अमल होना जरुरी है. ऐसी अपील प्रोग्रेसिव एजुकेशन सोसाइटी के कार्याध्यक्ष गजानन एकबोटे ने किया.

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत पाठ्यक्रम

गणेशखिंड के मॉडर्न महाविद्यालय में सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय की ओर से ब्लेंडेड केमेस्ट्री बीएसस्सी का पाठ्यक्रम मेलबर्न विश्वविद्यालय के सहयोग से चलाया जा रहा है. 

वेबिनार का आयोजन

इस संदर्भ में जानकारी देने के लिए वेबिनार का आयोजन किया गया. इस समय वे बोल रहे थे. इस तरह का पाठ्यक्रम चलाने वाला मॉडर्न महाविद्यालय पहला है. मेलबर्न विश्वविद्यालय उपकुलगुरु प्रा. डॉ. मायकेल वेस्ले मौजूद थे. डॉ. एकबोटे ने कहा कि यह पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत है. बुनियादी विज्ञान और अनुसंधान दृष्टिकोण के लिए बीएससी जैसे बहुशाखीय कार्यक्रमों का अमल जरुरी है. इन पाठ्यक्रमों एक साथ लाने के चलते भविष्य के शिक्षा और अनुसंधान का प्रतिनिधित्व करने वाले छात्र तैयार होंगे, जिसका सभी को फायदा होगा. इस समय प्रा. डॉ. मायकेल वेस्ले और सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रा. डॉ. नितिन करमलकर ने भी अपने विचार रखे.

विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया

यह पाठ्यक्रम किस तरह से तैयार किया गया, इसकी जानकारी आईआईएसईआर (तिरुपति) के निदेशक प्रो. कृष्णा गणेश ने रखी. इसके अलावा जीआईटीएएम (हैदराबाद) के  प्रो. के. शिव रामा कृष्णा ने भी पाठ्यक्रम की जानकारी दी. इस वेबिनार का समन्वय मेलबर्न विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर एंड्रू ड्रिनीन ने और सूत्रसंचालन डॉ. एलेक्स जॉन ने किया. प्राचार्य डॉ. संजय खरात, रसायन शास्त्र विभाग प्रमुख डॉ. माधुरी कुलकर्णी, बीएस्सी ब्लेंडेड प्रोग्राम की समन्वयक डॉ. मुकुला जोशी समेत 160 प्राध्यापक और विशेषज्ञों ने इस  वेबिनार में हिस्सा लिया. पीई सोसाइटी के सहकार्यवाह प्रा. सुरेश तोडकर, उपकार्यवाह डॉ. प्रकाश दीक्षित ने खुशी जाहीर की.