गशोत्सव को लेकर गणेश मंडलों के साथ कल बैठक

  •  मनपा पदाधिकारी और पुलिस भी रहेंगे उपस्थित  

पुणे. हाईकोर्ट के निर्देशानुसार महापालिका प्रशासन की ओर से शहर के गणेश मंडलों के लिए पंडाल नीति बनायी गई है. इसके अनुसार पंडालों को ऑनलाइन लाइसेंस देना अनिवार्य किया गया है. उसकी जानकारी इन मंडलों को 30 दिन पहले देना आवश्यक है, लेकिन इस साल गणेश उत्सव पर कोरोना का संकट छाया हुआ है. इस साल का गणेशोत्सव किस तरह से मनाया जाए, इसको लेकर नगरसेवक, पुलिस, गणेश मंडल के पदाधिकारी व मनपा अधिकारियों के साथ गुरुवार को बैठक होगी. यह बैठक महापौर की अध्यक्षता में होगी. 

इस बीच कोरोना संकट को देखते हुए प्रशासन इस नतीजे पर पहुंचा है कि पंडाल के लिए विगत साल की अनुमतियां जारी रखी जाएगी. मंडलों को नई अनुमति की जरुरत नहीं होगी. मंडलों को सिर्फ वाट्सएप पर आवेदन करना होगा.

विगत साल 2013 मंडलों ने ली थी अनुमति

ज्ञात हो कि गणेशोत्सव के दौरान शहर में सड़कों पर गणेश मंडलों द्वारा बड़ी संख्या में पंडाल लगाए जाते हैं. उसके लिए महापालिका की ओर से अनुमति दी जाती है, लेकिन विगत कई सालों से देखने में आ रहा है कि मंडल ये पंडाल अवैध तरीके से लगा रहे हैं. इससे यातायात में दिक्कतें आ रही हैं. इस वजह से महापालिका प्रशासन की कोर्ट द्वारा आलोचना की जा रही है. साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिए थे कि इससे संबंधित अधिकारियों पर अब कार्रवाई होनी चाहिए. इस वजह से विगत साल से महापालिका प्रशासन की ओर से ऐसे अवैध पंडालों पर कार्रवाई करने के लिए एक मुहिम चलाई गयी थी. उसके अनुसार विगत साल लगभग 2013 गणेश मंडलों को पंडाल बनाने की अनुमति दी गई थी. इससे पहले प्रशासन की एक बैठक हो चुकी है. इसमें पंडाल अनुमति व नियमों को लेकर चर्चा की गई. साथ ही विगत साल की अनुमतियों को आगे जारी रखने का फैसला लिया गया. मंडलों को नई अनुमति की जरुरत नहीं होगी. मंडलों को सिर्फ व्हाट्सएप पर आवेदन करना पड़ेगा. ऐसी जानकारी मनपा सूत्रों द्वारा दी गई, लेकिन ज्यादा स्टॉल लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

उत्सव पर कोरोना का संकट

मौजूदा साल में गणेश उत्सव पर कोरोना का संकट गहराया हुआ है, लेकिन हाई कोर्ट के निर्देशानुसार गणेश मंडलो को पंडाल से सम्बंधित जानकारी 30 दिन पहले देना अनिवार्य किया गया है. इसके अनुसार अब इस साल का गणेशोत्सव किस तरह से मनाया जाए, इसको लेकर नगरसेवक, पुलिस, गणेश मंडल के पदाधिकारी व मनपा अधिकारियों के साथ बैठक होगी. यह बैठक  गुरुवार को महापौर की अध्यक्षता में होगी. इसमें गणेशोत्सव को लेकर पूरा नियोजन होगा.