प्रतीकात्मक तस्वीर
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    पुणे. महाराष्ट्र वस्तू व सेवाकर विभाग (GST) चोरी के विरोध में जारी कार्रवाई के तहत 130 करोड़ से भी ज्यादा रुपये के जीएसटी बिल (GST Bill) देने के मामले में एक बड़े व्यापारी को गिरफ्तार (Arrested) किया गया है। पुणे जीएसटी विभाग द्वारा गिरफ्तार किए गए व्यापारी का नाम कर ओमप्रकाश तिरथदास सचदेव है। अदालत में पेश करने पर उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया। 

    इस बारे में सहायक राज्यकर आयुक्त बी.वी. जुंबड ने बताया कि ओमप्रकाश तिरथदास सचदेव ने मे. श्री वाहेगुरु ग्लोबल माईन्स प्रा लि कंपनी अपने और मे. ट्रेडर्स भावरे, मे. प्रकाश ट्रेडर्स, में. अगरवाल इंटरप्रायजेस, मे. कोल्हे सेल्स, मे. किरण ट्रेडिंग कंपनी, मे. नारायण ट्रेडर्स, मे. काशमोरा ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड, मे. मरीकम्बा ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड, मे सिओसिस प्राइवेट लिमिटेड आदि कंपनियों को अन्य लोगों के नाम पर शुरू कर उन्हें जीएसटी अधिनियम 2017 के तहत रजिस्टर कराया। 

    130.05 करोड़ रुपये का दिया फर्जी बिल

    इन कंपनियों के माध्यम से ओमप्रकाश तिरथदास सचदेव ने 130.05 करोड़ रुपये के फर्जी बिल देकर 19.79 करोड़ रुपए का इनपुट टैक्स क्रेडिट आगे के खरदीदारों को दिया। यह टैक्स चुकाना न पड़े उसके लिए कई फर्जी कंपनियों से बिना किसी माल या सेवा की परोक्ष आपूर्ति के फर्जी बिल के जरिये 22.48 करोड़ रुपए का इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल किया। यह महाराष्ट्र जीएसटी अधिनियम की धारा 132 (ब) व (क) के तहत अपराध है और 132 (5) के तहत  दखलपात्र व अजामीन पात्र अपराध है। इसके अलावा धारा 132(1) (i) के तहत इस अपराध के लिए 5 साल कैद की सजा का प्रावधान है। इसके अनुसार इस व्यापारी को गिरफ्तार कर लिया गया है।