पानी के लिए आंदोलन करेंगे  उरुली देवाची के ग्रामीण

-पूर्व उपसरपंच अतुल बहुले की चेतावनी

पुणे. पुणे नगर निगम एवं मनपा ने बंद पाइपलाइनों के माध्यम से मंतरवाड़ी और उरुली देवची गांवों में पानी की आपूर्ति के लिए लाखों रुपये खर्च किए हैं, लेकिन पानी शुरू नहीं हो पाया है. मंतरवादी में पानी है, लेकिन उरुली में पानी नहीं है. 

ग्रेड ए नगर निगम होने के बावजूद इस गांव के लोग सूखे जैसी स्थिति में हैं. टैंकर के आसपास भीड़ अभी भी बढ़ रही है. इससे कोरोना के प्रकोप की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है. आगामी काल में पानी नहीं आया तो आंदोलन करने की चेतावनी गांव के पूर्व उपसरपंच बहुले ने दी है.

कोरोना संक्रमण का खतरा

उरुली देवची गांव के लिए पानी की लाइनें बिछाने के लिए पुणे नगर निगम द्वारा पहले ही अरबों रुपये खर्च किए जा चुके हैं. इसके अलावा, अपशिष्ट डिपो के पास एक 10 मिलियन लीटर पानी की टंकी का भी निर्माण किया गया है. कोरोना के कारण वर्तमान स्थिति गंभीर है. पुणे में कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए, जहां भी संभव हो भीड़ से बचने और कोरोना को रोकना संभव है. हालांकि, टैंकर को पानी से भरना खतरनाक है, और अभी भी बारिश का दिन है. लोग अभी भी कोरोना से संक्रमित हो सकते हैं. इस वजह से बहुले  ने चेतावनी दी है कि ग्रामीणों को 12 दिनों के भीतर पानी मिलना चाहिए. वरना उचित आंदोलन शुरू किया जाएगा.