54 विधायकों के समर्थन का पत्र चुराना नैतिक था या अनैतिक?

    पुणे. भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल (BJP State President Chandrakant Patil) और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार (Deputy Chief Minister Ajit Pawar) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। पवार द्वारा निशाना साधने के बाद पाटिल ने जोरदार पलटवार करते हुए सवाल उठाया कि अपने चाचा शरद पवार (Sharad Pawar) के ड्रावर से 54 विधायकों के समर्थन का पत्र चुराना नैतिक है या अनैतिक है? उन्होंने पुणे (Pune) में संवाददाताओं से की गई बातचीत में कहा कि अजीत पवार की बातों से घमंड झलकता है।

    चंद्रकांत पाटिल ने 2019 में विधानसभा चुनाव के बाद हुए घटनाक्रम को लेकर अजीत पवार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस चुनाव के बाद अजीत पवार ने नाटकीय अंदाज में भाजपा के देवेंद्र फडणवीस के साथ सरकार बनाई थी। शरद पवार के खिलाफ जाकर अजीत पवार ने भाजपा को समर्थन दिया था और कहा था कि मेरे पास विधायकों के समर्थन का पत्र है। 

    मराठा आरक्षण में आंदोलन में शामिल होऊंगा 

    मराठा आरक्षण पर बोलते हुए चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि मराठा आरक्षण के संदर्भ में संभाजीराजे के आंदोलन के निर्णय का मैं स्वागत करता हूं। मैं भी भाजपा का झंडा लिए बिना आंदोलन में शामिल होऊंगा क्योंकि पार्टी का झंडा लेकर आंदोलन में गया तो इसमें राजनीतिक रंग आ जाएगा।

    हमें संभाजी महाराज का नेतृत्व मंजूर

    उन्होंने कहा कि सांसद छत्रपति संभाजीराजे ने मराठा आरक्षण के लिए कोल्हापुर से 16 जून से आंदोलन की घोषणा की है, उनका स्वागत है। हमने पहले ही कहा है कि मराठा आरक्षण के लिए जो-जो आंदोलन करेंगे उन्हें हमारा समर्थन होगा। कल अगर शरद पवार भी आंदोलन करते है तो हम उनके साथ खड़े होंगे। संभाजीराजे तो हमारे राजे है। ऐसे में इस समस्या के समाधान के लिए हम महाराज की मदद करने के लिए हमेशा तैयार है। मराठा समाज को आरक्षण मिले इसमें कोई दो-राय नहीं है और भाजपा ने इसके लिए हमेशा प्रयास किया है। संभाजीराजे को हमसे कोई सहयोग चाहिए तो हम निश्चित रूप से करेंगे। हमें संभाजी महाराज का नेतृत्व मंजूर है। आरक्षण रद्द होने के बाद से पुनर्विचार याचिका दायर करने को लेकर हम सरकार से कहते रहे, लेकिन सरकार ने अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है।