डेक्कन अभिमत विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर वेबिनार आयोजित

पुणे. डेक्कन अभिमत विश्वविद्यालय के 200वें स्थापना दिवस और द्विशताब्दी वर्ष के अवसर पर एक विशेष वेबिनार का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती वंदना और विश्वविद्यालय के गीत से हुई. कुलपति डॉ. अरविंद जामखेडकर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि यूजीसी के उपाध्यक्ष डॉ. भूषण पटवर्धन डॉ. भूषण पटवर्धन कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के तौर पर मौजूद थे.

अनुसंधानों पर खास ध्यान  

कार्यक्रम में कुलगुरु प्रा. डॉ. प्रसाद जोशी ने डेक्कन कॉलेज की स्थापना और निरंतर विकास के संदर्भ में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि ‘डेक्कन’ केवल एक शैक्षणिक संस्थान का नाम नहीं है, बल्कि यह शिक्षा प्रसार का एक अभियान भी है. आने वाले समय में भी शिक्षा के विकास में यह संस्था और विश्वविद्यालय कार्यत रहेंगे. इसके लिए नवोन्मेषी पाठ्यक्रम, कार्यशालाएं और प्रशिक्षण वर्गों का आयोजन किया जाएगा. साथ में अनुसंधान पर भी जोर दिया जाएगा.डॉ. पटवर्धन ने कहा कि डेक्कन अभिमत विश्वविद्यालय अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संजोते हुए अनुसंधानों पर खास ध्यान देता है. इसलिए यह विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान प्रणालि का एक आदर्श विश्वविद्यालय बनने के लायक है.

नये पाठ्यक्रमों का विस्तार होगा

कुलपति डॉ. जामखेडकर ने कहा कि यह विश्वविद्यालय शिक्षा प्रसार के साथ-साथ नये-नये अनुसंधानात्मक प्रकल्प स्थापित करेगी. साथ में विभिन्न संस्थाओं से करार करते हुए उन्हें और उंचाइयों पर ले जाने का प्रयास किया जाएगा. भविष्य में मानव शास्त्र, तकनीक और नये पाठ्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा.