YCM प्लाज्मा संकलन बैंक पर बढ़ा काम का बोझ, 9 कर्मचारी संक्रमित

  • कर्मचारियों, डॉक्टरों की कमी

पिंपरी. वाईसीएम प्लाज्मा संकलन बैंक पर कर्मचारियों और डॉक्टरों की कमी से काम का दबाव है. प्लाज्मा बैंक के 9 कर्मचारी कोरोना से संक्रमित हो गए हैं. यहां हर दिन 24 बैग प्लाज्मा इकट्ठा करने की क्षमता है, लेकिन मांग इससे 4 गुना ज्यादा है. मनपा के वाईसीएम हॉस्पिटल में मरीजों को प्लाज्मा निःशुल्क में दिया जाता है, जबकि अन्य मरीजों से 400 रुपए हस्तांतरण शुल्क लेकर दिया जाता है. इसके साथ ही राज्य की अन्य निजी और शासकीय पेढियों में 10 हजार से 12 हजार रुपए लेकर 200 मिली का प्लाज्मा का बैग दिया जाता है. इसलिए वाईसीएम में नि:शुल्क व नाममात्र के शुल्क पर प्लाज्मा के लिए कोरोना संक्रमित मरीजों के परिजनों की भीड लगी रहती है. 

इस पेढी की क्षमता केवल 24 बैग की है. यहां केवल 12 दानदाता प्लाज्मा दान कर सकते हैं, लेकिन हर दिन 100 बैग की मांग है, यहां आए हर नागरिक को प्लाज्मा मिलने की अपेक्षा होती है, लेकिन उन्हें नहीं मिल पाने के कारण विवाद होता है. वाईसीएम प्लाज्मा संकलन पेटी में 18 टैक्निशियन, -4 बीटीओ, 2 डॉक्टर की आवश्यकता है, लेकिन यहां 11 टेक्निशियन, 2 डॉक्टर और 4 वार्ड बॉय हैं. कर्मचारी उपलब्ध करवाने के लिए प्रशासन को बार-बार मांग की गई है, लेकिन कार्रवाई नहीं की जाती है. यह शिकायत कर्मचारियों ने की है.

मांग की पूर्ति असंभव 

रक्त संकलन अधिकारी डॉ. शंकर मोसलगी ने कहा कि वर्तमान स्थिति में वाईसीएम हॉस्पिटल में मरीजों को प्लाज्मा दे सकते हैं, इतनी क्षमता पेढी की है, लेकिन अतिरिक्त मांग की पूर्ति करना असंभव है.

प्लाज्मा संकलन मशीन बढाई जाए

मनपा स्थायी समिति सभा के नगर सदस्यों ने वाईसीएम हॉस्पिटल में प्लाज्मा संकलन पेढी से निःशुल्क प्लाज्मा देने का निर्णय किया है. स्वास्थ्य विभाग ने सशुल्क प्लाज्मा देने का प्रस्ताव रखा था. जनप्रतिनिधियों ने पैसे बचाने के बजाय व्यक्ति को बचाने की बात रखी थी. उन्होंने प्लाज्मा दाताओं और कर्मचारियों की उपलब्धता पर ध्यान नहीं दिया. यह भाजपा के संजय पटनी ने कहा है. यहां प्लाज्मा संकलन करने की मशीन की आवश्यकता है.