How to know who loves each other more

-सीमा कुमारी

हम सभी मानते है कि सच्चा प्यार दोनों तरफ से बराबर होना चाहिए. इसका सीधा अर्थ यह है की दोनों अपनी भावनाएं एक -दूसरे से शेयर करे. लेकिन कई बार ऐसा नहीं होता है, और कई बार एक पार्टनर ज्यादा जिम्मेदारी लेता है, दूसरा उतना रिस्पॉन्स नहीं देता. जिसके चलते दोने के रिश्ते में दरार आने लगती हैं. इस कथन को पढ़ें और जानें, क्या पार्टनर की तुलना में आप अपने रिश्ते को ज़्यादा अहमियत दे रहे हैं. यानी कहने का अर्थ है की आप उनकी तुलना में ज़्यादा प्यार करते हैं और रिश्ते की बेहतरी के लिए कुछ भी कर सकती हैं. 

  • आप हमेशा उनसे पहले बात करते है फिर चाहे वे ऑफिस से निकले या नहीं या उनको अपने बारे में बताना उसके बाद वो गर्मजोशी दिखाता है, पर हमेशा पहला क़दम आप ही उठाती हैं.
  • आप उनके सारे ख्यालो का ध्यान रखते हुए पसंद न पसंद का ध्यान रखते है. जैसे उनका खाने पहनना उनका सोना इत्यादि. लेकिन वह आपके बारे में ज़्यादा कुछ नहीं जानता, क्योंकि उसने कभी कोशिश ही नहीं की जानने की.
  • अपने पुराने दोस्तों को नहीं भूलना चाहिए. पर कभी-कभी तो दोस्तों को भुलाकर एक-दूसरे के साथ समय बिताया जा सकता है. अगर वह कभी भी आपके लिए दोस्तों को या अपने कसमो को छोड़कर आपके ख्यालो को ध्यान नहीं देता है तो समझ जाइए कुछ तो गड़बड़ है.
  • उनको आप अपने फ़्यूचर प्लान में शामिल करती हैं, पर वह ऐसा बिल्कुल नहीं करता. वह आपके साथ रिश्ते के बारे में कुछ नहीं बोलता है तो दिक्क्त होती है.
  • अगर वह बताता है कि वह किसी मुसीबत में है, तब आप उसकी मदद के लिए हर हद तक जाने के लिए तैयार हो जाती हैं. पर जब आप किसी मुसीबत में फंसती हैं तब वह इस ओर कोई ख़ास ध्यान नहीं  देता नहीं, तो वो वह आपको लेकर सीरयस नहीं है.
  • आप  हर किसी से उसका जिक्र करती हैं. शायद ही कोई ऐसा पल बीतता होगा. जब उसके बारे में बात नहीं करती होंगी, पर उसे इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि आप कई दिनों से एक-दूसरे से मिले तक नहीं. या फिर आप कहाँ है और किस हल में है.