MARRIAGE
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    -सीमा कुमारी

    हिन्दू धर्म में बेटी को लक्ष्मी का दर्जा दिया गया है। कहते हैं, जिस घर में बेटियां होती हैं, वहां हमेशा खुशहाली एवं बरकत रहती है। बेटियां अपने पिता की लाडली व दुलारी होती है। ऐसे में इनका रिश्ता बेहद ही खूबसूरत और प्यारा होता है। मां-बेटी के रिश्ते की तरह पिता और बेटी का रिश्ता भी दोस्ती भरा हो सकता है। ऐसा कहा जाता है कि हर पिता अपनी बेटी की खुशी और जरूरतों का ध्यान रखते हुए उसकी परवरिश करता है। साथ ही एक मां की तरह उसकी शादी के लिए सपने देखता है।

    हर एक माता-पिता का सपना होता है कि उनकी बेटी शादी के बाद भी खुशियों से भरी जिंदगी बिताए। ऐसे में जरूरी है कि उन्हें शादी से पहले कुछ जरूरी सीख और ज्ञान दिया जाए। चलिए जानें शादी से पहले अपनी बेटी को एक माता-पिता को क्या सिखाना जरूरी होता है…

    • शादी के बाद एक लड़की को अलग-अलग परिस्थिति का सामना करना पड़ता है। ऐसे में एक पिता का दायित्व है कि बेटी को सही व गलत की पहचान कराए। इसके अलावा उसे मुसीबत व परेशानी में डरने व घबराने की जगह खुद पर आत्मविश्वास बनाए रखना सिखाएं।
    • सास-ससुर को हमेशा अपने पेरेंट्स की तरह समझें। उनका आदर करें और जरूरतों का ध्यान रखें। इससे शादी के बाद ससुरालवालों के दिल में जगह बनेगी।
    • भले ही शादी से पहले आप जैसे मर्जी करती हों, लेकिन शादी के बाद ससुराल में किसी से जिद्द और बहस करने से बचें। साथ ही अपने फैसले दूसरों पर न थोपें। इससे रिश्तों में खटास आ सकती है।
    • हर घर के अलग-अलग रीति-रिवाज होते हैं। ऐसे में आप ससुराल वालों के तौर-तरीकों को समझते हुए उसमें ढलने की कोशिश करें। ऐसे में आपको जल्दी ही ससुराल वालों के दिल में जगह बनाने में मदद मिलेगी।