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    -सीमा कुमारी

    आमतौर पर, लोग जाने-अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जो वास्तु दोष का कारण बनता है। माना जाता है  कि सुखद -गृहस्थ जीवन के लिए सही वास्तु का होना बेहद जरूरी होता है। सही वास्तु का ध्यान ना देने पर आर्थिक तंगी, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से लेकर पारिवारिक अशांति, कलह-कलेश आदि का सामना करना पड़ सकता है।

    ऐसे में जरूरी है कि हम इस बात का जरूर ख्याल रखें कि, जिन जगहों पर जूते-चप्पल पहनकर जाना अशुभ  माना जाता है, वहां बिलकुल न जाएं। आइए जानें इस बारे में:

    • वास्तुशास्त्र के मुताबिक, किसी पवित्र नदी के पास जूते-चप्पल कभी पहनकर नहीं जाना चाहिए। नदियों में स्नान करने से पहले जूते-चप्पल या चमड़े से बनी वस्तुएं निकाल देनी चाहिए। मान्यताएं हैं कि ऐसा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
    • ऐसा कहते हैं कि रसोई (Kitchen) घर में कभी भी जूते-चप्पल पहनकर नहीं जाना चाहिए। ऐसा  करने से मां अन्नपूर्णा नाराज होती हैं और लोगों को जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। लेकिन, आज की मॉर्डन युग में लोग इन नियमों का पालन बिल्कुल भी नहीं करते। जिसके कारण लोग हमेशा मुश्किलों का सामना करते रहते हैं।
    • ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, तिजोरी में कुछ रखने जाने से पहले जूते-चप्पल को निकाल देना चाहिए। कहते हैं कि तिजोरी को जूते-चप्पल पहनकर खोलने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं। जिसके कारण आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। अगर आप चाहते हैं कि मां लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहे तो, आप इन नियमों का पालन जरूर करें।
    • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हिंदू धर्म में मंदिर को भगवान का घर माना जाता है। ऐसे में मंदिर में कभी भी जूते-चप्पल पहनकर प्रवेश नहीं करना  चाहिए। यहां जूते-चप्पल पहनकर प्रवेश करने से देवी-देवता नाराज हो जाते हैं। इसलिए ऐसा बिल्कुल भी ना करें।
    • कहा तो यह भी जाता है कि भंडार-घर में भी जूते-चप्पल पहनकर नहीं जाना चाहिए। इन नियमों का पालन करने से घर में कभी भी अन्न की कमी नहीं होती है।