Ganga Dussehra
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    -सीमा कुमारी

    ज्‍येष्‍ठ महीने के शुक्‍ल पक्ष की दशमी त‍िथ‍ि को ‘गंगा दशहरा’ का पावन पर्व हर साल देशभर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। लेकिन इस साल कोरोना संकट के कारण सरकार द्वारा ‘गंगा दशहरा’ का पावन पर्व’ के सार्वजनिक आयोजन को स्थगित कर दिया गया है। ऐसे में हिन्दू भक्त आस्था की डुबकी गंगा में नहीं लगा   सकेंगे। पौराणिक मान्यता के अनुसार, इस द‍िन महाराज भगीरथ की तपस्‍या से मां गंगा पृथ्‍वी पर प्रकट हुई थीं। इसल‍िए सनातन धर्म में इस त‍िथ‍ि और पर्व  का व‍िशेष महत्‍व है। यही वजह है क‍ि इस द‍िन  किए जाने वाले वाले टोटके भी बेहद कारगर होते हैं। आइए जानें इन टोटके के बारे में-

    ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, अगर जीवन में हर समय कोई न कोई  परेशानी और दु:ख लगा ही रहता हो, तो ऐसे में गंगा दशहरा के द‍िन कुछ उपाय अथवा टोटके करने से जीवन में आ रही मुसीबतों से छुटकारा अवश्य मिल सकती है। इसके लिए आपको ‘गंगा दशहरा’ के द‍िन सुबह सूर्योदय से पहले उठकर नित्यकर्म करके गंगा में स्नान करना चाहिए। इस समय कोरोना संकट को देखते हुए घर पर ही पानी में गंगाजल डालकर स्नान कर सकते हैं। उसके बाद कम से कम 3 ब्राह्मणों को अपने घर आमंत्रित करें। इसके बाद उनके चरण धुलें, रोली-चंदन का टीका लगाएं। इसके बाद उन्‍हें भोजन कराएं और दान में दक्षिणा और वस्‍त्र दें। कहते हैं कि ऐसा करने से जीवन में आ रही बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

    कहा तो ये भी जाता है कि, इस ख़ास अवसर पर घर पर भगवान सत्‍यनारायण की पूजा एवं कथा सुनने से भक्तों को मनवांछित फल भी मिलता है। इसके अलावा कथा सुनने के बाद जरूरतमंदों को भोजन कराकर यथाशशक्ति दान जरूर करें। मान्‍यता है क‍ि ऐसा करने से जीवन में आने वाली हर परेशानी दूर होने लगती है। साथ ही घर-पर‍िवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

    पंडितों का मानना है कि, अगर क‍िसी व्यक्ति का स्वास्थ्य हमेशा खराब रहता है, तो उन्‍हें गंगा दशहरे के द‍िन सुबह-सवेरे गंगा स्‍नान करने के बाद नदी के तट पर कुछ मंत्रो को जाप करने से सेहत से जुडी प्रोब्लेम्स से छुटकारा मिल सकती है। मंत्र ‘संसार विष नाशिन्यै, जीवनायै नमोऽस्तु ते, ताप त्रय संनमो नमः’ का 11 बार जप करना चाह‍िए। साथ ही मन ही मन मां गंगा से प्रार्थना करनी चाह‍िए। ऐसा करने से मां गंगा प्रसन्न होती है। और भक्तों के सभी कष्ट हरती हैं।