नवरात्रि का आठवां दिन मां महागौरी को समर्पित, जानें उनकी महिमा

-सीमा कुमारी

हिन्दू पंचांग के अनुसार इस साल अष्टमी और नवमी 24 अक्टूबर  यानि  शनिवार को पड़ रही है. इसलिए हम सब को माता के दोने रूप की पूजा करनी होगी. पहले माता के आठवें रूप के बारे में बात करेंगे. 24 अक्टूबर 2020 को आश्विनी मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है. पंचांग के अनुसार अष्टमी की तिथि प्रात: 6 बजकर 58 मिनट पर समाप्त होगी इसके बाद नवमी की तिथि आरंभ होगी. इसीलिए इस दिन दुर्गा महा अष्टमी और दुर्गा महा नवमी पूजा की जाएगी.

अष्टमी का दिन मां महागौरी को समर्पित है. माता महागौरी की पूजा का नवरात्रि के दिनों में करना अधिक शुभ माना गया है. नवरात्रि में माता की पूजा करने से पाप से मुक्ति मिलती है. मन में शुद्धता आती है. हर प्रकार की नकारात्मकता दूर होती है. माता अपने भक्तों को बल और बुद्धि वृद्धि देती  हैं. इनका रूप गौर वर्ण का है, इनकी आयु आठ साल ही मानी गई है. इन्हें श्वेताम्बरधरा कहा गया है, इनकी चार भुजाएं हैं.  इनका वाहन वृषभ है, इसलिए इन्हें वृषरुढ़ा भी कहा जाता है.

मां महागौरी की पूजा विधि:

  • पीले वस्त्र धारण करके पूजा आरम्भ करें. 
  • मां के समक्ष दीपक जलाएं और उनका ध्यान करें.
  • पूजा में मां को श्वेत या पीले फूल अर्पित करें. 
  • उसके बाद इनके मन्त्रों का जाप करें.
  • महागौरी देवी से संबंधित एक अन्य कथा भी प्रचलित है.

कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त:

जो लोग अष्टमी के दिन कन्या पूजते हैं वो 24 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 58 मिनट तक और नवमी करने वाले लोग 25 अक्टूबर 7 बजकर 44 मिनट तक कन्या पूजन कर सकते हैं.