नवरोज (Photo Credits-ANI Twitter)
नवरोज (Photo Credits-ANI Twitter)

    -सीमा कुमारी 

    ईरानी कैलेंडर के अनुसार, ‘नवरोज’ (Navaroze) का त्‍यौहार कल है। यानी, 20 मार्च को पारसी न्यू ईयर है। यह तिथि आमतौर पर 21  मार्च को हर साल पड़ती है, लेकिन कभी- कभी सूर्य की स्थिति और ग्रहों की चाल के आधार पर तिथि एक दिन आगे-पीछे हो जाती है।

    ‘नवरोज’ का त्‍यौहार पारसी समुदाय का नव वर्ष होता है, जो पूरे रीति-रिवाज, जोश और उत्साह के साथ मनाया जाता है। पारसी समुदाय के लोगों के नववर्ष ‘नवरोज’ को विभिन्न नामों से जाना जाता है। ‘नवरोज’  एक फारसी शब्द है, जिसमें ‘नव’ का मतलब ‘नया’ और ‘रोज’ का अर्थ ‘दिन’ होता है। इसलिए ‘नवरोज’ को एक नए दिन का प्रतीक माना जाता है।

    ‘नवरोज’ को ईरान में ‘ऐदे-नवरोज’ कहते हैं। चलिए जानते हैं इसके बारे में-  

    * नवरोज नए साल का जश्न है, लिहाजा इस दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं। परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर इस दिन की बधाई देते हैं। नवरोज के अवसर पर कुछ खास रस्में होती हैं। इस पारंपरिक पर्व का एक सबसे आकर्षक प्वाइंट है हाफ्ट-सीन टेबल। इस पर्व में 7 प्रतीकात्मक वस्तुओं को खूबसूरत शैली में सजाकर रखा जाता है।  खूबसूरत परंपरा के बीच इसमें गूढ़ अर्थ भी छिपे हैं।

    गौरतलब है कि ईरान में नवरोज पर्व पूरे 13 दिनों तक सेलिब्रेट किया जाता है। पारसी नव वर्ष को बेहद पवित्र दिन माना जाता है। पर्व के आगमन से पूर्व लोग घर की साफ-सफाई करते हैं। वसंत ऋतु के आगमन के साथ मनाया जाने वाला यह पर्व पारसी समुदाय के लिए बेहद खास है।  

    3000 साल पहले जिस दिन ईरान में शाह जमशेद ने सिंहासन ग्रहण किया उसे नया दिन या नवरोज़ कहा गया। यह दिन जरथुस्त्र (Zarathustra) वंशियों का नए वर्ष का पहला दिन माना जाने लगा। यह त्यौहार विश्व के कई हिस्सों में समान हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है जैसे ईरान, इराक, बरहीन, लेबनान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान। भारत में भी यह दिन पारसियों का नया दिन माना जाता है।

    पारसी समुदाय ‘नवरोज’ फारस के राजा जमशेद की याद में मनाते हैं, जिन्होंने पारसी कैलेंडर की स्थापना की थी।  पारसी लोग मानते हैं कि इस दिन पूरी कायनात बनाई गई थी।

    पारसी परंपरा के अनुसार इस दिन लोग मेज पर कुछ पवित्र वस्तुएं रखते हैं. इनमें जरथुस्त्र की तस्वीर, मोमबत्ती, दर्पण, अगरबत्ती, फल, फूल, चीनी, सिक्के आदि शामिल हैं. माना जाता है कि इससे परिवार के लोगों की आयु और समृद्धि बढ़ती है।

    नवरोज के दिन पारसी परिवार अपने उपासना स्थलों पर जाते हैं। इस दिन उपासना स्थलों में पुजारी धन्यवाद देने वाली प्रार्थना करते हैं जिसे ‘जश्न’ (Jashna) कहा जाता है। इस दिन पवित्र अग्नि को चंदन की लकड़ियां चढ़ाते हैं। प्रार्थना के बाद सभी एक-दूसरे को साल मुबारक कहते हैं। 

    भारत में पारसी समुदाय आबादी के लिहाज से बेहद छोटा समुदाय है लेकिन यह ‘नवरोज’ जैसे अपने त्यौहारों के माध्यम से अपनी परंपराओं को आज भी जीवित रखे हुए हैं।  भारत जहां हर धर्म और जाति के लोगों को समान जगह और इज्जत दी जाती है, वहां पारसी समुदाय के इस त्यौहार की भी धूम देखने को मिलती है।

    ‘नवरोज’  एक फारसी शब्द है, जिसमें ‘नव’ का मतलब ‘नया’ और ‘रोज’ का अर्थ ‘दिन’ होता है। इसलिए ‘नवरोज’ को एक नए दिन का प्रतीक माना जाता है।

    ‘नवरोज’ को ईरान में ‘ऐदे-नवरोज’ कहते हैं। चलिए जानते हैं इसके बारे में-  

    * नवरोज नए साल का जश्न है, लिहाजा इस दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं। परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर इस दिन की बधाई देते हैं।

    नवरोज के अवसर पर कुछ खास रस्में होती हैं। इस पारंपरिक पर्व का एक सबसे आकर्षक प्वाइंट है हाफ्ट-सीन टेबल। इस पर्व में 7 प्रतीकात्मक वस्तुओं को खूबसूरत शैली में सजाकर रखा जाता है।  खूबसूरत परंपरा के बीच इसमें गूढ़ अर्थ भी छिपे हैं।

    गौरतलब है कि ईरान में नवरोज पर्व पूरे 13 दिनों तक सेलिब्रेट किया जाता है। पारसी नव वर्ष को बेहद पवित्र दिन माना जाता है। पर्व के आगमन से पूर्व लोग घर की साफ-सफाई करते हैं। वसंत ऋतु के आगमन के साथ मनाया जाने वाला यह पर्व पारसी समुदाय के लिए बेहद खास है।  

    हाफ्ट सीन वस्तुतः सात प्रतीकात्मक वस्तुओं की आकर्षक एवं स्वादिष्ट व्यवस्था है, जिनके नाम ‘एस’ से शुरु होते हैं। हाफ्ट सीन टेबल 7 वस्तुओं से सजाया जाता है। इन सभी का नाम एस अक्षर से शुरु होता है। यह न केवल पारंपरिक और आध्यात्मिक महत्व के कारण बल्कि परिवार के सदस्यों द्वारा सजावट की वजह से भी इसका विशेष महत्व है, जो 13 दिनों तक चलता है। 

    नौरोज हाफ्ट सिफ्ट टेबल में 7 आइटम क्या होते हैं?

    1- सब्जेह (एक डिश में उगाया जाने वाला ह्वीट ग्रास)

    2- समानू (गेहूं से बना मीठा हलवा)

    3- सेंजेड (कमल के पेड़ का मीठा सूखा फल)

    4- सेरकेह (पारसी सिरका)

    5- सीब (सेब)

    6- सीर (लहसुन)

    7- सोमाक (सुमैक)

    कैसे सजाते हैं हाफ्ट सीन टेबल पर?

    ‘एस’ अक्षर से शुरु होने वाले सात वस्तुओं के अलावा और भी कई वस्तुएं रखी जाती हैं। जिसकी वजह से टेबल आकर्षक दिखता है। टेबल की खूबसूरती बढ़ाने के लिए उस पर शीशे, मधुमक्खियां, सिक्के, घड़ियां, रंगीन अंडे, मोमबत्ती, जलकुंभी किताब इत्यादि से बड़े कलात्मक तरीके से सजाये जाते हैं।