Ganga River
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    Seema

    सनातन हिंदू धर्म में ‘गंगाजल’ को बेहद शुभ व पवित्र माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि गंगा जल को सालों तक भरकर घर पर रखने से भी यह खराब नहीं होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, गंगा जी में स्नान करने और पूजा आदि करने से पाप मिटते हैं। इसका वैज्ञानिक कारण यह भी माना गया है कि गंगा के जल में कई प्रकार के औषधीय गुण भी पाए जाते हैं, जिसमें नहाने से कई प्रकार के रोग खत्म हो जाते हैं। इतना ही नहीं गंगाजल के प्रयोग से वास्तुदोष भी दूर होते हैं। आइए जानें गंगाजल से जुड़े कुछ वास्तु उपायों के बारे में:-

    •  ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, अगर आपके बच्चे का मन पढ़ाई में नहीं लगता है, तो ऐसे में बुधवार के दिन भगवान गणेश जी की पूजा करें। साथ ही घर के हर कोने में गंगाजल छिड़कें। खासतौर पर बच्चे के कमरे और स्टडी रूम में गंगाजल जरूर छिड़कें। वहीं, अगर बच्चा रात को सोते समय अचानक डरता है, तो उसके बेड पर भी गंगाजल छिड़क दें।
    • अगर घर में वास्तुदोष है और आप हमेशा परेशान रहते हों, तो ऐसे में आप अपने घर में नियमित गंगाजल का छिड़काव जरूर करें। ऐसा करने से वास्तुदोष का प्रभाव खत्म होता है और इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है एवं वास्तुदोष से छुटकारा मिलता है।
    • पंडितों के अनुसार, कुंडली में ग्रह दोष होने से कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जैसे – घर, नौकरी, कारोबार, सेहत आदि किसी भी तरह की प्रोब्लेम्स हो सकती हैं। ऐसे में इससे बचने के लिए सोमवार को भगवान शिव की पूजा के दौरान उन्हें गंगाजल चढ़ाएं।
    • इसके अलावा शनिवार के दिन पीपल पेड़ पर गंगाजल मिला हुआ पानी अर्पित करें। इससे ग्रह दोषों से जल्द ही छुटकारा मिल सकता है।
    • ऐसा कहा जाता है कि अगर बच्चों को रात में डर लगता हो, या खराब सपने आते हों, तो हमेशा सोने से पहले बिस्तर पर गंगाजल का छिड़काव कर दें। ऐसा करने से डरावने सपने इंसान को परेशान नहीं करेंगे।
    • जानकारों का मानना है कि गंगाजल विज्ञान के लिए चमत्कार से कम नहीं है, क्योंकि यह सालों तक बोतल में रहने के बाद भी खराब नहीं होता। ऐसा कहा जाता है कि जो व्यक्ति रोज स्वच्छ गंगाजल पीता है, वह सदैव निरोगी रहता है और लंबी उम्र तक जीवन व्यतीत करता है।