Sun will transit in Virgo, know how auspicious or unlucky

-सीमा कुमारी 

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को नवग्रहों का राजा माना गया है. 16 सितंबर 2020 को शाम 19 बजकर 23 मिनट पर सूर्य, सिंह राशि से कन्या राशि में गोचर करेंगे. सूर्य का प्रत्येक माह राशि में परिवर्तन करना संक्रांति कहलाता है और इस संक्रांति को स्नान, दान और पितरों के तर्पण आदि के लिए शुभ माना जाता है. सिंह राशि से कन्या राशि में सूर्य का प्रवेश करना कन्या संक्रांति कहलाता है. ज्योतिषाचार्य के अनुसार ग्रहों के इस योग से आपका समयकाल अच्छा रहने के आसार है.

सूर्य के कन्या राशि में गोचर से आपको करियर में ग्रोथ मिल सकती है. तो अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें. ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य को क्रूर ग्रह माना गया है. ज्योतिष विज्ञान में सूर्य जब एक राशि से निकल कर दूसरी राशि में प्रवेश करता है तो इसे संक्रांति कहते हैं. सूर्य इस महीने 16 तारीख को कन्या राशि में प्रवेश कर रहा है। ज्योतिष में इस घटना को कन्या संक्रांति के नाम से जाना जाएगा। कन्या राशि में सूर्य का गोचर आश्विन माह में होने के कारण इसे आश्विन संक्रांति के नाम से जाना जाता है.

इन क्षेत्रों में पड़ेगा शुभ-अशुभ प्रभाव: कन्या संक्रांति व्यवसायियों के लिए बहुत ही लाभप्रद हो सकता है. इन दिनों इन्हें उन्नति एवं लाभ के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे. लेकिन लापरवाही एवं असावधानी से भी बचना होगा क्योंकि चोरों एवं असामाजिक तत्व अधिक सक्रिय रहेंगे. वहीं देश की राजनीति की बात करें तो इस माह राजनीतिक गलियारों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच काफी गहमागहमी देखने को मिल सकती है.

कन्या राशि पर सूर्य का प्रभाव: कन्या राशि के जातकों का समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा. जॉब में प्रमोशन मिल सकता है. इस अवधि में आपको शुभ समाचार मिलने की संभावना है. अन्य क्षेत्र में भी सुखद नतीजे मिलेंगे. नई जॉब की तलाश कर रहे जातकों को लाभ मिल सकता है. वैवाहिक जीवन के लिए सूर्य का आपकी राशि में आना बहुत ज्यादा अनुकूल नहीं है. जीवनसाथी से विवाद की स्थिति बन सकती है. इसलिए विशेष ध्यान रखें.

सूर्य देव का आशीर्वाद पाने के लिए करें ये उपाय: रविवार के दिन सूर्य को जल चढ़ाएं. कन्या संक्रांति के दिन दान दें. पिताजी की सेवा करें. बुराई और किसी गलत आचरण से बचें. ऐसा करने से आपको सूर्य देव का आशीर्वाद प्राप्त होगा. समाज में आपका मान-समान बढ़ेगा.