This remedy must be done on the day of Devuthani Ekadashi, Vishnuji's grace will remain

-सीमा कुमारी 

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, क्योंकि इसे सबसे शुभ और फलदायी माना जाता हैं. एकादशी व्रत कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष को मनाई जाती है. जो इस साल 25 नवंबर, बुधवार को है, जिसे हरिप्रबोधिनी और देवोत्थान एकादशी के नाम से जाना जाता है. एकादशी का व्रत संतान सुख, धन व यश प्राप्ति के लिए रखा जाता है.

इनमें से देवउठनी एकादशी को सबसे उत्तम माना जाता है. यह दिवाली के बाद आती है. कहा जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु जी 4 महीने की नींद पूरी करके जागते हैं. इस दिन पर तुलसी विवाह का भी विशेष महत्व होता है. साथ ही इस शुभ दिन पर कुछ  उपाय करने से उनकी कृपा पाई जा सकती है. तो चलिए जानते हैं उन उपायों के बारे में…

  • इस शुभ दिन पर विष्णु जी के आगे कुछ रुपयें रख कर प्रार्थना करें. फिर उन पैसों को अपनी तिजोरी या धन रखने वाली जगह पर रख दें. इससे धन में वृद्धि होने के साथ घर में पैसा टिकेगा.
  • घर में नकारात्नक ऊर्जा होने से परिवार के सदस्यों में लड़ाई-झगड़े होने लगते हैं. ऐसे में शाम को तुलसी पौधे के पास गाय के घी या सरसों के तेल का दीया जलाएं. साथ ही ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः’ मंत्र का जाप करते हुए पूजा करें. इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है.
  • इस दिन भगवान श्रीहरि की पूजा करते समय उन्हें बेलपत्र, शमी और तुलसी के पत्ते चढ़ाएं. ये सभी पौधे श्री विष्णु जी को अति प्रिय होने से वे जल्दी ही खुश होते हैं.
  • इस शुभ दिन पर 7 कन्याओं को भोजन करवाएं. साथ ही भोजन में  खीर जरूर रखें. इससे आपके जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलने के साथ आर्थिक स्थिति मजबूत होगी  इसके साथ ही किसी ब्राह्मण को भोजन करवाने और दक्षिणा देने से लाभ होगा.