'Jyestha Durga Ashtami'
File Photo

    -सीमा कुमारी

    हिन्दू धर्म में हर पारंपरिक त्योहार का सामाजिक, आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व होता है। इन्हीं परंपराओं में ज्येष्ठ महीने में भी कई त्योहार और व्रत आते हैं। ऐसे में ‘दुर्गाष्टमी’ व्रत’ (Masik durga ashtmi ) जो हर साल ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को आता है, वह आज यानी 18 जून शुक्रवार को है।

    हिन्दू धर्म में ‘मासिक दुर्गाष्टमी’ का बड़ा महत्व बताया गया है। ‘महाष्टमी’ (Mahashtami) के अलावा ‘मासिक दुर्गाष्टमी’ का दिन मां आदिशक्ति को प्रसन्न करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण एवं शुभ दिन होता है। ऐसे में इस दिन भक्त मां आदिशक्ति की पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत भी रखते हैं। इस दिन मां दुर्गा की पूजा और व्रत, विधि- विधान के साथ करने से मां आदिशक्ति भक्तों से प्रसन्न होती हैं, और अपनी कृपा भक्तों पर सदैव बनाई रखती हैं। आइए जानें ‘मासिक दुर्गाष्टमी’ का शुभ मुहूर्त, पूजा-विधि और महिमा-

    शुभ मुहूर्त

    18 जून 2021 दिन शुक्रवार को ‘मासिक दुर्गाष्टमी’ का व्रत किया जाएगा।

    ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि आरंभ-

    17 जून 2021 दिन बृहस्पतिवार रात 09 बजकर 59 मिनट से

    ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि समाप्त-

    18 जून 2021 दिन शुक्रवार रात 08 बजकर 39 मिनट पर

    पूजा विधि-

    मान्यताओं के मुताबिक, इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त हो जाएं और हाथ में गंगाजल लेकर व्रत का संकल्प करें। पूजा स्थान को अच्छी तरह साफ करें। गंगाजल छिड़कें और लकड़ी की चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर उस पर मां दुर्गा की प्रतिमा रखें।

    माता को लाल चुनरी चढ़ाएं, अक्षत, सिन्दूर और लाल पुष्प अर्पित करें। प्रसाद के रूप में फल और मिठाई चढ़ाएं।  धूप और दीपक जलाकर ‘दुर्गा चालीसा’ (Durga Chalisa) का पाठ करें और फिर मां की आरती करें। हाथ जोड़कर देवी से प्रार्थना करें।  शास्त्रों के अनुसार, पूरे विधि-विधान से ‘दुर्गाष्टमी’ पर व्रत और पूजन करने से मनोवांछित फल मिलता है।

    महत्व-

    हिन्दू धर्म  में ‘मासिक दुर्गाष्टमी’ व्रत का बड़ा महत्व है। जो भी भक्त भक्ति-भाव से प्रत्येक ‘मासिक दुर्गाअष्टमी’ को व्रत करते हैं, मां आदिशक्ति जगदंबे उनके सारे कष्टों को दूर करती हैं। ‘दुर्गाष्टमी’ पर व्रत करने से मां दुर्गा अपने भक्तों की संकटों से रक्षा करती हैं और जीवन में धन, समृद्धि और खुशहाली आती है।

    पौराणिक मान्यताओं के अनुसार अष्टमी तिथि को ही मां आदिशक्ति ने महिषासुर का संहार किया था। माना जाता है कि यह युद्ध नौ दिनों तक चला था। इसलिए  ‘नवरात्रि’ (Navaratri) में पड़ने वाली अष्टमी तिथि को ‘महाष्टमी’ (Mahashtami) के रूप में मनाया जाता है। और प्रत्येक माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को ‘मासिक दुर्गाष्टमी’ का व्रत किया जाता है।