भारत का सबसे पुराना मंदिर कौन सा है , जानें इसकी खोज कैसे हुई

     नई दिल्ली : भारत का इतिहास बहुत पुराना है, वैसे ही हिंदू धर्म या सनातन धर्म 5000 हजार साल पुराना है। इससे हमें यह पता लगता है कि, इसका इतिहास भी बेहद पुराना है, इसके साथ यहां के मंदिर भी जुड़े है। भारत में मंदिरो का निर्माण लगभग 2000 साल पहले शुरू हुआ था। इस बात से यह कहना कि भारत के मंदिर काफी पुराने है, तो गलत नहीं होगा। लेकिन भारत का सबसे पुराना मंदिर कोनसा ये सवाल आपके जेहन में जरूर आया होगा। सवाल थोड़ा मुश्किल है। प्रत्येक मंदिर सबसे पुराना माना जाता है। उसी समय कोई  न कोई समुदाय दवा कर देता है की उनका मंदिर सबसे पुराना है। 

    जहां तक हम बात करें प्राचीनता की  तो पूजा और मंदिर के ढांचे भी भारत और उसके समुदाय के साथ विकसित हुए है। पहले हिंदू  गुफा मंदिरों की पूजा करते थे, इसलिए मंदिरों का निर्माण करने की कोई जरूरत नहीं थी। साथ ही लोग इन गुफाओं का अपने मृतकों को दफनाने के लिए इस्तेमाल करते थे, जिसे वह बड़े गोल पत्थरों से ढंकते थे।

    कुछ समय बाद इन गुफाओं में मंदिर बनाने लगे। यह मंदिरों में ब्रह्मा, विष्णु और महेश जैसे देवताओं की पूजा करने की परंपरा लाया। तो लोगों ने गुफा मंदिरों में इन देवताओं की पूजा करनी शुरू कर दी। इस प्रकार का सबसे पहला उदाहरण एक गुफा मंदिर था जिसे 400 ईस्वी पूर्व में बनाया गया था। इसमें भगवान इंद्र और सूर्य के साथ परशुराम की छवियां हैं।   

    इसके बाद बारी आई पत्थरों के मंदिर की। समय के साथ भारत के कई भागों में विभिन्न शैलियों और देवताओं की पूजा शैलियों से जुड़ी हुई है। अब हिंदुओं के मंदिरों की शैली एक समान नहीं है नहीं बल्कि विभिन्न शैलियां हैं। दक्षिण भारत के मंदिर उत्तर भारत के मंदिरों से अलग थे। इस्लामी आक्रमणों ने भारत के विशेषकर उत्तर भारत के कई मंदिरों का विनाश कर दिया, इसलिए भारत में सबसे पुराना मंदिर साबित करने का दावा अधिक कठिन हो गया। यह आक्रमण 1200 ईस्वी से 1700 ईस्वी के बीच हुए। इस वजह से दक्षिण भारत में मंदिर अभी भी बरकरार हैं और शायद सबसे पुराने मंदिरों में से एक हैं।  

    तमिलनाडु के तटीय इलाके में 2004 की सुनामी के बाद चेन्नई से लगभग 60 किलोमीटर दूर महाबलीपुरम के पास दो मंदिर प्रकाशित हुए थे। यह पता चला है कि एक पल्लव मंदिर लगभग 800 साल पुराना है, जबकि इसका आधार 2000 वर्ष पुराना है।फिर गुजरात के पश्चिमी राज्य में जगत मंदिर है जहाँ कुछ पुराने हिस्से हैं। इसका 413 ईस्वी में गुप्त शासन के दौरान पुनर्निर्माण किया गया था।

    कुछ लोग मुंडेश्वरी मंदिर को भारत का सबसे पुराना मंदिर मानते हैं जो बिहार के कैमूर जिले में स्थित है। यह भारत का सबसे पुराना मंदिर है जो अभी भी श्रद्धालुओं के लिये खुला है। भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण ने इसे बहाल कर दिया है और इसका निर्माण संभवतः 108 ईस्वी दिनांकित है। तब से इस मंदिर में उसी भक्ति के साथ पूजा की जा रही है। मुंडेश्वरी मंदिर भगवान शिव और देवी शक्ति के लिए समर्पित है। मंदिर में भगवान गणेश, विष्णु, सूर्य और माता देवी जैसी अन्य मूर्तियां भी हैं।