गोपनीयता की सुरक्षा के दावे फेसबुक का डेटा लीक

    यह अत्यंत आपत्तिजनक है कि फेसबुक (Facebook) ने अपने यूजर्स (उपयोगकर्ताओं) का डेटा सुरक्षित रखने में कोताही बरती. यह ग्राहकों से विश्वासघात नहीं तो और क्या है? 106 देशों के 53 करोड़ यूजर्स का डेटा लीक हो गया जिनमें भारत के 61,00,000 लोगों का समावेश है. यूजर्स का डेटा ऑनलाइन उपलब्ध होने की जानकारी न्यूज वेबसाइट ‘बिजनेस इनसाइडर’ ने दी. इसके मुताबिक 106 देशों के लोगों के फोन नंबर, फेसबुक आईडी, पूरे नाम, स्थान, जन्म तारीख व ईमेल पते ऑनलाइन उपलब्ध हैं.

    फेसबुक पर यूजर्स की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा को लेकर अनेक वर्षों से सवाल उठते रहे हैं. उल्लेखनीय है कि राजनीतिक कंपनी कैम्ब्रिज एनालिटिका (Cambridge Analytica) ने 8 करोड़ 70 लाख फेसबुक यूजर्स की जानकारी अनजाने में या उनकी सहमति के बगैर ही हासिल कर ली थी. चर्चा थी कि ऐसी जानकारी राजनीतिक पार्टियों को बेची जाती है. इस प्रकरण के खुलासे के बाद फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) को अमेरिकी संसदीय चैनल के सामने जाकर सफाई देनी पड़ी थी.

    जब 2019 में डेटा लीक हुआ था तब फेसबुक ने इस गड़बड़ी को सुधारने का आश्वासन दिया था लेकिन हडसन रॉक साइबर सिक्योरिटी फर्म के संस्थापक एलन गैल ने कहा कि यह लीक अभी तक बंद नहीं हुई. उधर फेसबुक का दावा है कि हमने लीक की समस्या को अगस्त 2019 में ही दूर कर दिया था. जिसके लीक होने की बात की जा रही है, वह पुराना डेटा है.