18 December: आज ही के दिन हुई थी पश्चिम बंगाल महत्वपूर्ण घटना, पुरुलिया में खेतों में मिला था हथियारों का जखीरा

    नई दिल्ली: आज का दिन कई महत्वपूर्ण घटनाओं के साथ इतिहास में दर्ज है, जिनमें पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में रहस्यमय ढंग से हथियारों का जखीरा गिराए जाने की घटना भी शामिल है। 18 दिसंबर 1995 की सुबह पुरुलिया में जब वहाँ के स्थानीय लोग अपने खेतों में गए तो वहां रातों रात घातक हथियारों की फसल उग आई थी।

    दरअसल कुछ भारी भरकम बक्सों में आधुनिक हथियारों का एक बहुत बड़ा ज़खीरा खेत मे पड़ा मिला। इसमें सैकड़ों एके 47 राइफल, रॉकेट लॉन्चर, टैंक विध्वंसक गोले और लगभग ढाई लाख कारतूस मिले। 

    इसे देश की सुरक्षा में एक बड़ी चूक माना गया। देश की सुरक्षा एजेंसियों ने चार दिन में ही उस विमान और उसके आने के रास्ते का पता लगा लिया, जिसके जरिए ये हथियार गिराए गए थे। देश-दुनिया के इतिहास में 18 दिसंबर की तारीख में दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है- 

    1398 : आमिर तिमूर ने सुलतान नुसरत शाह से दिल्ली की गद्दी छीन ली।

    1865 : अमेरिका के विदेश मंत्री की घोषणा के अनुसार संविधान में 13वें संशोधन के जरिए देश में दास प्रथा को आधिकारिक रूप से गैरकानूनी घोषित किया गया।   

    1946 : मशहूर फिल्म निर्देशक स्टीवन स्पीलबर्ग का जन्म। उन्होंने अपनी बेहतरीन फिल्मों से दुनियाभर में वाहवाही बटोरी। 

    1960 : नयी दिल्ली में राष्ट्रीय संग्रहालय का उद्घाटन।

    1963 : अमेरिका के विश्वविख्यात अभिनेता ब्रैड पिट का जन्म। पिट को ढेरों गैर परंपरागत किरदारों को पर्दे पर साकार करने के लिए जाना जाता है।

    1989 : सचिन ने एकदिवसीय क्रिकेट में अपना पहला मैच पाकिस्तान के ख़िलाफ़ खेला।

    1995 : अज्ञात विमान ने पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में हथियारों का जखीरा गिराया।

    1997 : किम दाए जुंग दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति चुने गए। वह देश के इतिहास में इस पद पर पहुंचने वाले विपक्ष के पहले नेता थे।   2014 : रॉकेट जीएसएलवी मार्क-3 को अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया गया। 

    2017 : राष्ट्रमंडल कुश्ती चैंपियनशिप में बड़ी सफलता अर्जित करते हुए भारत ने 30 में से 29 स्वर्ण पदकों पर कब्जा किया।

    2019 : तिहाड़ जेल प्रशासन ने निर्भया मामले के दोषियों को सात दिनों के भीतर दया याचिका दाखिल करने के लिए नोटिस जारी किया। 2019 : अंग्रेजी में कथेतर गद्य लेखन के लिए कांग्रेस नेता शशि थरूर को और हिन्दी के लिए नंदकिशोर आचार्य को साहित्य अकादमी पुरस्कार की घोषणा।