1 killed in assault, 3 accused arrested
प्रतीकात्मक तस्वीर

    चंद्रपुर. काम मांगने गए गांव के एक युवक से भाजपा के पूर्व सभापति द्वारा मारपीट की गई. गांव में आये थानेदार ने भी पीटा. इस घटना की रिपोर्ट देने थाने पहुंचने पर पुलिस ने रिपोर्ट लेने से इंकार कर दिया. ऐसी जानकारी गोंडपिपरी तहसील के सोनापुर निवासी विजय येवले ने पत्रकार परिषद में दी है. वहीं पूर्व सभापति दीपक सातपुते और थानेदार ने मारपीट से साफ इंकार किया है.

    गोंडपिपरी तहसील के सोनापुर (देशपांडे) निवासी विजय येवले (35) पूर्व सभापति, वर्तमान पंस सदस्य दीपक सातपुते के घर जाकर गांव में अनेक काम शुरु है. मै भी आपका कार्यकर्ता हूं मुझे भी काम पर रख लो कहकर याचना की. किंतु चिडकर सातपुते ने उसे पीट दिया. इतने में उनका दिल नहीं भरा तो अपने सहयोगियों से पीटने लगाया. सातपुते के कहने पर बलीराम एकोनकर, सुवर्णा एकोनकर, वासुदेव एकोनकर और मोहन चौधरी ने मारपीट की.

    सातपुते ने लाठी के थानेदार पारडकर को इसकी सूचना दी. थानेदार घटनास्थल पहुंचे और पुलिस ने 10 से 12 डंडे येवले के पिछवाडे पर मारे. 12 सितंबर की रात 8 बजे पिटाई से चोटिल येवले को सूजन आने से वह घर से बाहर नहीं पा रहा था. 14 सितंबर को लाठी में शिकायत करने पहुंचा तो थानेदार ने रिपोर्ट लेने से इंकार कर दिया. इसलिए दीपक सातपुते और लाठी थानेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग पुलिस अधीक्षक और राजुरा एसडीपीओ से की ऐसा भी येवले ने कहा है.

    गालिया बक रहा था येवले-सातपुते

    इस घटना के संबंध में पूर्व सभापति दीपक सातपते से मोबाइल पर संपर्क किया  गया तो कहा कि घर में गणपति की आरती शुरु थी. वह आंगन में आकर गाली गलौच कर रहा था उसे प्रेम से बाहर जाने का कहा. मैने अथवा अन्य किसी ने उसे नहीं मारा है.

    झूठा आरोप 

    लाठी के थानेदार मिलिंद पारडकर ने कि दोनों की रिपोर्ट पुलिस स्टेशन को मिली है. मैने मारपीट नहीं की है मुझ पर लगाया आरोप झूठा है.