ब्रिटेन की स्कूलों पर चीनी कंपनियों का कब्जा

  • अंग्रेजों की अगली पीढ़ी को कम्युनिस्ट बनाने की साजिश

चीन के प्रभाव विस्तार की रणनीति के तहत चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (Communist Party of China)(CCP), से संबंध रखने वाली कई कंपनियां और चीनी सेना (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी) ब्रिटेन की स्कूलों को खरीद रही हैं. इसके पीछे एक गहरी साजिश है. कोरोना महामारी (Coronavirus Pandemic) ने ब्रिटेन के स्कूल (British Schools) प्रबंधकों की कमर तोड़ दी है. एक वर्ष से स्कूल बंद रहने के कारण स्कूल मैनेजमेंट को जबरदस्त घाटा हो रहा है. इस हालत से परेशान होकर कई स्कूल प्रबंधक जमीन समेत अपनी स्कूल बिल्डिंग बेच रहे हैं. चीनी कंपनियां औने-पौने दाम पर इन्हें खरीद रही हैं. यहां तक कि इन कंपनियों ने वहां के प्रसिद्ध प्रिंसेस डायना प्रिपरेटरी स्कूल को भी खरीद लिया है.

चीन की साजिश यह है कि हालात ठीक हो जाने पर इन स्कूलों को पुराने नामों से फिर चालू किया जाए और वहां की पढ़ाई में चीन समर्थक विचारधारा को आगे बढ़ाया जाए. ऐसा होने पर ब्रिटेन के बच्चे बचपन से ही चीन समर्थक बनने लगेंगे. उन्हें कम्युनिस्ट विचारधारा की सीख दी जाएगी. इस तरह आगे चलकर अंग्रेजों की अगली पीढ़ी कम्युनिस्ट हो जाएगी. ब्रिटेन में उदार (लिबरल), अनुदार (कंजरवेटिव) के अलावा तीसरी लेबर पार्टी (श्रमिक दल) है, जिसका थोड़ा झुकाव लेफ्ट की तरफ है. यदि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी समर्थक पार्टियों ने शिक्षा संस्थाओं को खरीद लिया तो वे अपने ढंग से शिक्षा प्रणाली प्रभावित करेंगी. चीनी कंपनियां अब तक ब्रिटेन के 17 स्कूल खरीद चुकी हैं. इन 17 में से 9 स्कूलों के मालिक कम्युनिस्ट पार्टी के सक्रिय सदस्य हैं.