कोरोना काल में चुनावों का देश

    कोरोना महामारी के दौरन सरकार का दोहरा रवैया सामने आया. एक ओर तो वह मास्क जरूरी और 2 गज की दूरी अपनाने और घर से बाहर नहीं निकलने कमी अपील कर रही थी जबकि दूसरी ओर इसी दौरान चुनाव होते रहे जिनसे प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समिति नेताओं ने बड़ी बड़ी रैलियां कीं जिनमें सोशल डिस्टेंसिंग को ताक पर रख दिया गया. 5 राज्यों (बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल मिजोरम) में विधानसभा चुनाव हुए. बंगाल के चुना में तो बीजेपी ने पूरा जोर लगा दिया था. इसके अलावा यूपी में पंचायत चुनाव भी हुए. तब किसी को कोरोना महामारी का संक्रमण फैलने का ख्याल नहीं आया.

    रैलियों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी या हर तरह से जुटाई गई जिसे देखकर नेता उत्साहित और गदगद थे. देश में कोरोना और चुनाव साथ-साथ चलते रहे. यह किसी ने नहीं सोच कि इससे महामारी तेजी से फैलेगी और लोगों की जान खतरे में पड़ेगी. अब फिर महाराष्ट्र में 5 अक्टूबर को धुले, नंदुरवार, अकोलार, वाशिम व नागपुर की 5 जिला परिषदों और आसपास की पंचायत समितियों के रिक्त पदों के लिए उपचुनाव होगा. कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है लेकिन चुनाव तो फिर भी हो रहे हैं. अगले वर्ष फिर यूपी, पंजाब, उत्तराखंड, गुजरात जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव होंगे.