कैदियों ने पैरोल लेने से मना किया, परिवार पर बोझ नहीं बनना चाहते

    इसे कैदियों की समझदारी ही कहना होगा कि कोरोना महामारी(Coronavirus) के दौर में पैरोल की सुविधा का लाभ लेना नहीं चाहते. महाराष्ट्र की विभिन्न जेलों में सजा काट रहे कम से कम 26 कैदियों ने आपातकालीन पैरोल सुविधा लेने से यह कहकर इनकार कर दिया कि वे घर जाकर अपने परिवार पर बोझ बनना नहीं चाहते. यदि ऐसी हालत में वे बाहर जाकर नौकरी या रोजगार ढूंढने में नाकामयाब रहे तो पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे अपने परिवार पर अनावश्यक भार बन जाएंगे.

    कुछ कैदियों को उनकी आपराधिक प्रवृत्ति के कारण उनके परिजन स्वीकार नहीं करते तो कुछ कोरोना संक्रमण के डर से उन्हें अपने गांव या घर आने देना नहीं चाहते. कुछ कैदियों का अपना परिवार ही नहीं है. छूटकर जाएंगे भी कहां? कुछ ऐसे भी कैदी हैं जिनकी सजा पूरी होने में कुछ ही महीने बाकी हैं. उन्होंने आपातकालीन पैरोल लेने से मना कर दिया. वे अस्थायी रिहाई की बजाय पूर्ण रिहाई की मांग कर रहे हैं.