Delhi government Social Welfare Minister and senior Aam Aadmi Party leader Rajkumar Anand resigned from ministerial post and party membership.
आप पार्टी से राजकुमार आनंद ने दिया इस्तीफा

दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री राज कुमार आनंद ने अपने मंत्री पद और आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। केजरीवाल की पार्टी से इस्तीफा देने के बाद राजकुमार आनंद ने कहा, 'पार्टी भ्रष्टाचार के दलदल में फंस गई है। मेरे लिए मंत्री पद पर काम करना मुश्किल हो गया है। इसलिए मैंने मंत्री पद से और पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।' क्या राजकुमार आनंद भाजपा में शामिल होंगे इस पर सबकी नजरें है।

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जांच एजेंसियों (Investigating Agencies) की कार्रवाई के भय से केजरीवाल की ‘आप’ (AAP) का कुनबा टूट रहा है। दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता राजकुमार आनंद (Rajkumar Anand) ने मंत्री पद और पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा ( Resigns)दे दिया। पिछले वर्ष नवंबर में मनी लॉ्ड्रिरंग मामले में राजकुमार के घर 23 घंटे तक ईडी का छापा पड़ा था। जब केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन आबकारी नीति घोटाला मामले में जेल में बंद हैं तो राजकुमार आनंद को भी लगा होगा कि ‘आप’ में रहे तो वह भी लपेटे में आ सकते हैं।
 
इसलिए उन्होंने मंत्री पद और पार्टी छोड़ते हुए बड़ी ऊंची-ऊंची बातें कहीं। राजकुमार ने कहा कि आम आदमी पार्टी का गठन भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के लिए हुआ था लेकिन यह पार्टी खुद भ्रष्टाचार के दलदल में फंस गई है। वह ऐसी पार्टी का हिस्सा बने नहीं रहना चाहते जो अपनी बात से पीछे हटती है। केजरीवाल के साथ उनका संपर्क इसलिए हुआ था कि राजनीति बदलेगी, देश बदलेगा लेकिन राजनीति तो नहीं बदली किंतु नेता बदल गए। मैं भ्रष्ट आचरणों में अपना नाम दर्ज नहीं करवाना चाहता। मैं नहीं समझता कि हमारे पास शासन करने की कोई नैतिक ताकत बची है। तमाम आरोपों को खारिज करते हुए आम आदमी पार्टी ने कहा कि वह राजकुमार आनंद के प्रति सहानुभूति रखती है। पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी हमारे मंत्रियों और विधायकों को तोड़ने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।  

‘आप’ सांसद संजय सिंह ने कहा कि ईडी ने आनंद को समन भेजकर 12 अप्रैल को बुलवाया है। यह ‘आप’ के मंत्रियों और विधायकों के लिए अग्निपरीक्षा है। दिल्ली के स्वास्थ्य और शहरी विकास मंत्री सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि आनंद को पार्टी छोड़ने के लिए धमकाया गया होगा। हम लोगों ने बार-बार कहा है कि केजरीवाल की गिरफ्तारी के पीछे उनकी पार्टी को तोड़ने और दिल्ली व पंजाब की सरकार गिराने का उद्देश्य हैं। हमें मनीष सिसोदिया और संजय सिंह जैसा मजबूत बनना है न कि डरे हुए राजकुमार आनंद जैसा कमजोर! पटेलनगर से पहली बार विधायक बने आनंद का चमड़े और रेग्जीन का कारोबार है और वह प्रापर्टी डीलिंग भी करते हैं। गत नवंबर माह में ईडी ने अपने बयान में कहा था कि रेवेन्यू इंटेलिजेंस निदेशालय की शिकायत पर आनंद तथा अन्य व्यक्तियों के खिलाफ जांच शुरू की गई।

शिकायत के मुताबिक आनंद ने चीन को हवाला भुगतान किया तथा विभिन्न आयात सामग्री पर 7 करोड़ रुपए की कस्टम ड्यूटी नहीं चुकाई। दिल्ली के सीएम केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद से दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में कई विरोध प्रदर्शन हुए लेकिन उसके 10 सांसदों में से संजय सिंह, संदीप पाठक और एनडी गुप्ता छोड़कर अन्य ने प्रदर्शनों में भाग नहीं लिया। ‘आप’ के लोकसभा में एकमात्र सदस्य सुशील कुमार रिंकू बीजेपी में शामिल हो गए। राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल, अशोककुमार मित्तल, विक्रमजीतसिंह साहनी विदेश में हैं।