विश्व बिरादरी के सम्मुख मोदी ने सुनाई पाक तालिबान को खरी-खरी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में विश्व बिरादरी के सामने आतंकवाद और विस्तारवाद को लेकर चीन, पाकिस्तान व तालिबान को आड़े हाथ लिया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद एक भस्मासुर की तरह है जो केवल तबाही लाता है. जो देश आतंक का राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करते है, उन्हें समझना होगा कि आतंकवाद उनके लिए भी उतना ही बड़ा खतरा है उन्होंने सख्ती से कहा कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ आतंकवाद फैलाने के लिए नहीं होना चाहिए. आज समूचे विश्व को विज्ञान आधारित व्यवहारिक और विकासवादी सोच पर चलने की आवश्यकता है.

    यूएन महासभा में भारत की प्रथम सचिव स्नेहा दुबे ने पाक प्रधानमंत्री इमरान खान को कश्मीर संबंधी बयान का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि पाकिस्तान खुले तौर पर आतंकियों का समर्थन करने और उन्हें हथियार देने के लिए विश्वस्तर पर जाना जाता है. यूएन सिक्योरिटी काउंसिल के पास रिकार्ड है कि पाकिस्तान ने कितने प्रतिबंधित आतंकवादियों को अपने यहां पनाह दी. जम्मू-कश्मीर भारत का अविभाज्य अंग है. पाकिस्तान को अवैध कब्जेवाला पीओके तुरंत खाली कर देना चाहिए. पाकिस्तान खूद आग लगानेवाला देश है, लेकिन खुद को फायरफाइटर बताता हैं. यद्यपि ब्रिटिश सरकार ने बार-बार कहा है कि कश्मीर का प्रश्न भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मुद्दा है लेकिन फिर भी ब्रिटिश संसद के कुछ सदस्य भारत को नीचा दिखाने के लिए कश्मीर में मानवाधिकार हनन का मुद्दा उठाते रहते हैं ऐसे भारत विरोधी ब्रिटिश सांसदों ने आल पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप बनाया है इसमें कुछ पाकिस्तानी मूल के सांसदों का समावेश है.

    विश्व के देशों को समझना चाहिए कि पाकिस्तान, चीन और तालिबान मिलकर समूची दुनिया के शांतिप्रिय देशों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं. दरिंदे तालिबान को कोई भी देश मान्यता न दे. इसी तरह पाकिस्तान को भी हर प्रकार की विदेशी सहायता बंद की जानी चाहिए. पाक को काली सूची में डालने की बात वर्षों से चल रही है पर चीन व तुर्की जैसे देशों की वजह से यह नहीं हो पा रहा है. उसे तो सार्क से भी निकाल देना चाहिए. प्रधानमंत्री मोदी ने इस खतरे के प्रति दुनिया की आंखें खोली हैं फिर भी यदि कोई सोने का ढोंग करे तो उसे जगाया नहीं जा सकता.