Pic Credit: Shripad Wagh
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हर साल पूरे दुनियाभर में 29 जुलाई को विश्व बाघ दिवस (International Tiger Day) मनाया जाता है, जो भारत का राष्ट्रीय पशु भी है। बाघ को देश की, शान, शक्ति, सतर्कता, बुद्धि और धीरज का प्रतीक माना जाता है। यह भारतीय उपमहाद्वीप में उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र को छोड़कर पूरे देश में पाया जाता है। लेकिन अब चिंता की बात ये है कि बाघ को वन्यजीवों की लुप्त होती प्रजाति की सूची में रख दिया गया है। ऐसे में इन्हें विलुप्त होने से बचाने के लिए 'सेव द टाइगर' जैसे राष्ट्रीय अभियान चलाए जा रहे हैं। आज इसी मौके पर चलिए जानते हैं बाघों से जुड़े कुछ रोचक बातें....

    अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाने का निर्णय इस अहसास होने के बाद लिया गया कि पिछले 100 वर्षों में सभी जंगली बाघों में से 97% विलुप्त हो गए हैं। (Pic Credit: Amrit Patel)
    दुनिया के 70% बाघ भारत में पाए जाते हैं। भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड के कॉर्बेट में सबसे ज्यादा 231 बाघों की गणना हुई है। वहीँ भारत में 50 टाइगर रिजर्व हैं। (Pic Credit: Amrit Patel)
    बाघ की दहाड़ तीन किलोमीटर दूर तक सुनी जा सकती है। बाघों की नौ उप-प्रजातियां हैं, जिनमें से तीन विलुप्त हो चुकी हैं। (Pic Credit: Varun Thakkar)
    एक बाघ की उम्र जंगल में लगभग 20 साल की होती है। वहीं बाघों की टांगे इतनी मजबूत होती है कि यह मरने के बाद भी कुछ समय के लिए खड़े रह सकते हैं। (Pic Credit: Shripad Wagh)
    बाघ के शरीर पर पाए जाने वाली धारियां भी हमारे फिंगरप्रिंट की तरह यूनिक होती हैं। वहीं एक बाघ का वजन 300 किलो होता है, जिसमें से 300 ग्राम का उनका दिमाग होता है। (Pic Credit: Amrit Patel)
    बाघ का मनपसंद शिकार जंगली सूअर, भैस और हिरण है। यह ज़्यादातर रात में शिकार करते हैं, क्योंकि रात में इनके देखने की क्षमता इंसानों के मुकाबले 6 गुना बढ़ जाती है। (Pic Credit: Shripad Wagh)

    आपको जानकार हैरानी होगी कि जितने बाघ जंगल में नहीं उतने लोगों ने उन्हें पाल रखे हैं। (Pic Credit: Shripad Wagh)
    नर बाघ और मादा शेर के संबंध के बाद जन्में बच्चे को “Tigons” कहा जाता है। वहीं मादा बाघ और नर शेर के संबंध से जन्में बच्चे को “Ligers” कहा जाता है। (Pic Credit: Shripad Wagh)

    एक बाघ एक रात में लगभग 27 किलो मीट खा सकता है। वहीं इनके शरीर का हर एक भाग, मूंछ से लेकर पूंछ तक बाजार में बेचना गैरकानूनी है। (Pic Credit: Shripad Wagh)
    बिल्ली का DNA भाग से लगभग 95.6% मिलता है। बाघ को बिल्ली की बड़ी प्रजाति भी कहा जाता है। (Pic Credit: Amrit Patel)

    बाघ 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से भाग सकते हैं। जबकि यह अच्छे तैराक भी होते हैं। वह छः किलोमीटर लगातार तैर भी सकते हैं। (Pic Credit: Varun Thakkar)
    बाघों की पीछे वाली टांगें, आगे वाली टांगों से लंबी होती है और इसी वजह से वह तेज दौड़ने, कूदने और शिकार करने में सक्षम होते हैं। (Pic Credit: Amrit Patel)

    टाइगर के बच्चे जब जन्म लेते हैं। उस समय वह अंधे होते हैं। जबकि सामान्यतया केवल आधे शावक ही बड़े होने तक ज़िंदा बच पाते हैं। (Pic Credit: Varun Thakkar)
    बाघ स्वभाव से शांत होते हैं। शेरों की तुलना में यह काफी विनम्र जानवर मानें जाते हैं। वह अक्सर अपना शिकार भी दूसरे बाघों और अन्य जानवरों के लिए छोड़ देते हैं। (Pic Credit: Varun Thakkar)

    टाइगर के शरीर पर कानों के पीछे सफ़ेद रंग के धब्बे बने होते हैं जो शावकों को जंगल में उनकी माँ को पहचानने में मदद करते हैं। (Pic Credit: Shripad Wagh)