विदेशी राजनयिकों के दौरे के बीच श्रीनगर में आतंकी हमले

    ऐसे समय जब 20 देशों के 24 राजनयिक बदली हुई स्थिति का जायजा लेने जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के दौरे पर आए तभी आतंकियों ने यह दिखाने के लिए कि असंतोष और विरोध कायम है, 2 दिनों में 3 आतंकी हमलों को अंजाम दिया. श्रीनगर (Srinagar) में पुलिस पर जानलेवा हमला किया. वहां बागत एरिया के बाराजुल्ला में एक आतंकी कपड़े के भीतर राइफल छुपा कर लाया था और उसने एक दुकान के पास खड़े 2 पुलिस कर्मियों पर अचानक गोलियां बरसाकर उनकी जान ले ली. इसके पहले गुरुवार को देर रात सुरक्षा बलों ने शोपियां में आतंकियों को घेर लिया. सुबह तक मुठभेड़ चली जिसमें 3 आतंकी मारे गए.

    बड़गाम (Budgam) में भी आतंकियों से एनकाउंटर के दौरान एक एसपीओ को शहीद होना पड़ा. यद्यपि पहले की तुलना में घाटी में आतंकवाद कम हुआ है लेकिन ऐसा समय देखकर आतंकी फिर सक्रिय हो जाते हैं जब राज्य में कोई अंतरराष्ट्रीय राजनयिक समूह दौरा करता है. इसके पीछे यह दर्शाने की कोशिश होती है कि राख में शोले दबे हैं और कश्मीरियों की नाराजगी व असंतोष कायम है. पुलवामा आतंकी हमले की बरसी के दिन भी पुन: भारी मात्रा में विस्फोटक लाकर धमाका करने की साजिश थी जो कि नाकामयाब रही. समय रहते विस्फोटक बरामद हो गया. यद्यपि कश्मीर में पंचायत व जिला विकास परिषदों के चुनाव हो चुके है तथा काफी हद तक घुसपैठ व आतंकवाद पर काबू पाया जा चुका है लेकिन फिर भी पाकिस्तान (Pakistan) की ओर से साजिशें जारी हैं. घाटी मेें इंटरनेट पर से पाबंदी हटाई जा चुकी है, शिक्षा संस्थाएं भी खुल गई हैं लेकिन आतंकी मौका पाकर हमला करने से नहीं चूकते.