घुंघट के आड़ से दिलबर का, ऑनलाइन सुनवाई में टपक पड़ा गवैया

    कोर्ट की अपनी विशिष्ट गरिमा होती है जहां अदब-कायदे व अनुशासन का ध्यान रखना अनिवार्य है. ऐसे न्याय मंदिर में यदि फिल्मी गीत गूंजने लगे तो कौन बर्दाश्त करेगा? गंभीर मुखमुद्रा या स्टोन फेस रखने वाले सीनियर जज तथा नामी वकीलों ने कभी कल्पना भी नहीं की होगी कि उन्हें ऐसी विचित्र स्थिति का सामना करना पड़ेगा. यह सब ऑनलाइन सुनवाई या वर्चुअल हीयरिंग की वजह से हुआ. एक समय की चुलबुली हीरोइन जूही चावला अब पर्यावरण की फिक्र करने लगीं.

    जूही ने दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार की 5जी नेटवर्क शुरू करने की योजना को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की थी. इसमें कहा गया था कि 5जी स्पेक्ट्रम की तरंगों से इंसानों के स्वास्थ्य तथा पर्यावरण पर गंभीर परिणाम होगा. मामले की वर्चुअल सुनवाई के दौरान जूही चावला का कोई फैन उनकी फिल्मों के भड़कीले गीत गाने लगा. इनमें फिल्म ‘नाजायज’ का गीत था- लाल-लाल होठों पे गोरी किसका नाम है. इसी तरह उसने ‘हम हैं राही प्यार के’ फिल्म का गीत सुनाया- घूंघट की आड़ से दिलबर का दीदार अधूरा रहता है.

    फैन ने फिल्म आईना का गीत ‘मेरी बन्नो की आएगी बारात’ भी गाया. जज ने अदालत की अवमानना का नोटिस जारी करते हुए अपने स्टाफ से पुलिस में शिकायत करने को कहा. अब पुलिस उस गवैये को खोजेगी जिसने अदालत की सुनवाई में अपनी तान छेड़ी थी. दरअसल जूही चावला ने हाईकोर्ट की सुनवाई की लिंक अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर डाल दी थी, ताकि सभी इसे सुन सकें. इसी के चलते यह गड़बड़ी हुई.