मिताली राज की गौरवपूर्ण उपलब्धि

    जिस प्रकार क्रिकेट में सुनील गावस्कर, कपिल देव व सचिन तेंदुलकर की महान उपलब्धियों का जश्न मनाया गया, वैसे ही अभिनंदन की पात्र भारतीय महिला क्रिकेट टीम (Indian Woman Cricketer) की कर्णधार रही मिताली राज (Mithali Raj) भी हैं. वे भारत की ऐसी पहली महिला क्रिकेटर बनीं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10,000 रन बनाने का रिकार्ड कायम किया. मिताली राज विश्व की दूसरी महिला क्रिकेटर हैं जिन्होंने यह विक्रम स्थापित किया. उनके पहले इंग्लैंड की चार्लेट एडवड्र्स (England’s Charlotte Edwards) अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10,000 रन बनानेवाली पहली महिला खिलाड़ी थी. 38 वर्ष की उम्र में भी उनके हौसले बुलंद हैं और फॉर्म जबरदस्त है. मिताली राज का एक और रिकार्ड सामने आया.

    वे वनडे क्रिकेट में 7,000 रन बनानेवाली विश्व की पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं. मिताली ने लखनऊ के इकाना स्टेडियम में चौथे वन डे इंटरनेशनल मैच के दौरान 26वां रन पूरा करते ही यह उपलब्धि हासिल की. 213 मैच खेलकर उन्होंने 7,000 रन बनाए. मिताली के नाम वन डे क्रिकेट में 7 शतक और 54 अर्धशतक दर्ज हैं. 10 टेस्ट मैचों में उनके नाम 663 रन हैं. मिताली राज क्रिकेट के तीनों प्रारुपों में सफल रही है. उनके 89 टी-20 मैचों में 2364 रन हैं.

    उनकी गौरवपूर्ण उपलब्धि ने आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका व वेस्टइंडीज की महिला क्रिकेट खिलाड़ियों को काफी पीछे छोड़ दिया है. मिताली राज 21 वर्षों से क्रिकेट खेल रही है. 26 जून 1999 को उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ अपना पहला मैच खेला था. यह ऐसा समय था जब भारत में लड़कियां बहुत कम क्रिकेट खेला करती थी. मिताली के पिता वायुसेना में थे. उन्होंने अपनी बेटी को क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया. वह धूप में खेलकर पसीना बहाती रही. 16 वर्ष खेलने के बाद उसे टीम की कप्तानी मिली. भारतीय महिला क्रिकेट में मिताली राज, झूलन गोस्वामी का योगदान प्रशंसनीय है.