कठोरतम कार्रवाई हो अब मुंबई में भी निर्भया कांड

    वह समाज सभ्य कहलाने योग्य नहीं है जहां महिलाओं से दरिंदगी की जाती है. ऐसे हैवानों को कठोरतम सजा दी जानी चाहिए जो किसी महिला से किसी भेड़िए से भी बदतर तरीके से पेश आते हैं. ऐसे दरिंदों को जीने का कोई हक नहीं है. यह कैसी विकृति पनप रही है कि दिल्ली के निर्भया प्रकरण के बाद भी इसी तरह की रोंगटे खड़े कर देनेवाली घटनाएं अन्यत्र भी हो रही हैं. देश और समाज कैसे इसे बर्दाश्त कर रहा है? 

    मुंबई के साकीनाका के खैरानी रोड इलाके में दुष्कर्म के बाद पीड़िता के प्राइवेट पार्ट में लोहे का रॉड डाल दिया गया. अधमरी हालत में अस्पताल में भर्ती उस महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई. यह उस निर्भया कांड की पुनरावृत्ति है जिसने समूचे देश को झकझोर दिया था. इस घटना से विपक्ष बिफर उठा है जबकि मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे ने इस मामले के सभी फोरेंसिक और इलेक्ट्रानिक सबूत व गवाहों के साक्ष्य उचित रूप से अदालत में पेश कर एक महीने के भीतर चार्जशीट दाखिल करने के आदेश दिए हैं.

    उन्होंने कहा कि अपराधी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी. मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी. सीएम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाकर उपयुक्त निर्देश दिए. इस तरह की वारदात को रोकने के लिए पुलिस को और सतर्क रहने के लिए कहा. प्रकरण की जांच के लिए महिला एसीपी ज्योत्सना रासम के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि हर पुलिस थाने में महिला अधिकारियों का स्क्वाड गठित किया जाए. हॉटस्पाट इलाकों में दिन रात गश्त की जाए. जरूरत के हिसाब से बेघर व अकेली महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए. 

    शहर में सीसीटीवी की तादाद भी बढ़ाने को कहा गया. इस तरह की घटनाओं पर विपक्ष की नाराजगी भी स्वाभाविक थी. विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाया कि सरकार की मनमानी से राज्य की पुलिस फोर्स कमजोर हो रही है. इससे अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं. पिछले 1 महीने में अमरावती, पालघर और नागपुर में रेप की घटनाएं हो चुकी हैं. पुणे में एक सप्ताह में ऐसे 3 मामले हुए. राज्य में महिला आयोग का अध्यक्ष पद अब तक खाली है. शिवसेना प्रवक्ता संजय राऊत ने कहा कि बीजेपी कीचड उछालने की राजनीति न करे. सरकार इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई कर रही है.