नसीहत का कोई असर नहीं सिद्धू की हाईकमांड को सीख

    पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोतसिंह सिद्धू ऐसी दुधारी तलवार के समान हैं जो चलानेवाले को भी खरोंच पहुंचा सकती है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की आत्मनियंत्रण व अनुशासन में चलने की नसीहत का अन्य पार्टीजनों पर शायद असर पड़ा होगा लेकिन सिद्धू इससे अप्रभावित रहे. उन्होंने सोनिया की इस ताकीद का उल्लंघन किया जिसमें उन्होंने कहा था कि मुझसे बात करने के लिए मीडिया का सहारा न लें. सिद्धू ने सोनिया को 13 मांगों को लेकर चिट्ठी लिखी और इसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट भी कर दिया. सिद्धू न केवल पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, बल्कि पार्टी हाईकमांड पर भी दबाव बनाने में लगे हैं. ऐसा नहीं लगता कि कांग्रेस कार्यसमिति में सोनिया ने जैसे तेवर दिखाए, उसका कोई असर सिद्धू जैसे बड़बोले नेता पर पड़ा. वे तो उल्टे आलाकमान को ही सीख देने लगे. इतने पर भी पंजाब विधानसभा चुनाव निकट रहते सिद्धू की हरकतें बर्दाश्त करना कांग्रेस नेतृत्व की मजबूरी है.

    चन्नी पर दबाव बनाए रखने की कोशिश

    सिद्धू पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह को सीएम पद से हटवाने के बाद सरकार पर दबाव बनाकर सुपर सीएम बनने की कोशिश में लगे हुए हैं. उन्होंने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर 13 मुद्दे उठाए. इसमें उनसे अपील की गई कि वह पंजाब सरकार को इस बारे में निर्देश दें कि इन मुद्दों पर अमल किया जाए. सिद्धू ने पत्र में लिखा कि अनुसूचित जाति का मुख्यमंत्री बनाने के बावजूद चन्नी की सरकार में अनुसूचित जाति को बराबर प्रतिनिधित्व नहीं मिला. उन्होंने एक मजहबी सिख और पिछड़े वर्ग से 2 लोगों को कैबिनेट में शामिल करने की मांग की. सिद्धू ने आरक्षित सीटों के विकास के लिए 25 करोड़ रुपए का पैकेज जारी करने की भी मांग की. उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति को 5 मरला प्लाट देने का वादा भी पूरा करना जरूरी है. उन्होंने अपने पत्र में रोजगार देने, परिवहन में सुधार करने, रेत खनन व शराब का मुद्दा भी उठाया.

    पंजाब में तीनों कृषि कानून लागू नहीं किए जाएं

    सिद्धू ने इस पत्र में लिखा कि केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानून पंजाब में लागू नहीं किए जाएं. एसवाईएल नहर के मुद्दे की तरह पंजाब सरकार इसे भी अस्वीकार कर दे. सिद्धू ने फल और सब्जी की खरीद तथा दलहन-तिलहन को एमएसपी पर खरीदने को अपने एजेंडे में शामिल किया. सिद्धू ने बेअदबी, ड्रग्स और केबल माफिया का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पंजाब की जनता बेअदबी के दोषियों को सजा और बहिबल कलां व कोटकपुरा पुलिस फायरिंग में न्याय चाहती है. सिद्धू ने 2022 के विधानसभा चुनाव में 13 सूत्रीय एजेंडा को घोषणापत्र में शामिल करने और पंजाब मॉडल पेश करने का सोनिया गांधी से समय मांगा. सिद्धू ने पंजाब के घरेलू उपभोक्ताओं को 24 घंटे सस्ती बिजली उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया. बिजली के मुद्दे पर सिद्धू पहले शिरोमणि अकाली दल की सरकार के आलोचक थे, बाद में वे इसी मुद्दे पर अमरिंदर सिंह व अब चन्नी सरकार पर हमलावर हैं.