हाथी की पीठ पर योगासन-प्राणायाम बाबा गिरे धड़ाम

पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘‘निशानेबाज, हाल ही में मथुरा के रमणरेती में हाथी पर बैठकर योगाभ्यास करते हुए योगगुरु बाबा रामदेव (Baba Ramdev Falls Off Elephant) धड़ाम से नीचे आ गिरे. इस पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है?’’ हमने कहा, ‘‘कहावत है- आसमान से गिरे, खजूर पर लटके. बाबा तो सिर्फ हाथी से ही नीचे गिरे. गिरने के बाद यदि व्यक्ति संभल जाए तो बहुत बड़ी बात है. गिरे हुए को उठाना मानव धर्म है. जिन साधु-संन्यासियों को बाबा योग सिखा रहे थे, उन्होंने लपककर बाबा को उठा लिया होगा और समझाया होगा कि बाबाजी, आप हाथी की पीठ की बजाय किसी पंडाल में व्यासपीठ पर बैठकर योग सिखाया कीजिए. आप योगगुरु हैं इसलिए बच गए, वरना 18 फुट ऊंचे हाथी से नीचे गिरने पर हड्डी-पसली टूट जाती है.’’

पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, बाबा साहसी हैं. हाथी पर सवार होकर योग सिखाने का एडवेंचर किया तो ऐसा हादसा हुआ, फिर भी उन्होंने अनहोनी को होनी कर दिखाया. उन्हें मामूली खरोंच तक नहीं आई. इसे कहते हैं योगबल! गिरने को लेकर एक शेर है- गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में, वे तिफ्ल क्या गिरें जो घुटने के बल चले! महर्षि पतंजलि ने भी कभी हाथी पर बैठकर योग नहीं किया होगा लेकिन बाबा रामदेव ने यह कर दिखाया. जहां तक उनके संभलने का सवाल है, हमें फिल्म ‘मदर इंडिया’ का गीत याद आता है- गिर-गिर के मुसीबत में संभलते ही रहेंगे, जल जाएं मगर आग पे चलते ही रहेंगे.’’ हमने कहा, ‘‘बाबा ने पूरा भरोसा करते हुए इस विशाल प्राणी को ‘हाथी मेरे साथी’ समझा होगा लेकिन हाथी ने उनका साथ नहीं निभाया. बाबा जब कपालभाती या प्राणायाम कर रहे थे, तभी हाथी हिल गया और बाबा का बैलेंस डोल गया और वे जमीन पर आ गिरे.

वैसे बाबा के लिए हाथी की ऊंचाई या मंच की ऊंचाई कोई बड़ी चीज नहीं है. आपको याद होगा कि जब बाबा रामदेव अपने अनुयायियों के साथ दिल्ली के रामलीला मैदान में धरने पर बैठे थे तभी आधी रात को तत्कालीन यूपीए सरकार की पुलिस उन्हें पकड़ने आई. ऐसे नाजुक मौके पर बाबा ने जनाना पोशाक पहनकर ऊंचे मंच से नीचे छलांग लगाई और पुलिस को चकमा देकर रफूचक्कर हो गए थे.’’ पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, अगली बार जब बाबा हाथी पर बैठकर योगासन करना चाहें तो उसकी पीठ पर राजा-महाराजाओं जैसा हौदा बंधवा लिया करें. तब वे गिरेंगे नहीं. ऐसा दुस्साहस कर खतरों के खिलाड़ी बनने की कोशिश न करें. हमारा कोई नेता कभी हाथी से नहीं गिरता. वह या तो अचानक मंच टूट जाने से या फिर बाथरूम में फिसलकर गिरता है.’’