बड़ों की बात बड़ी, चर्चा में हार्दिक पंड्या की 5 करोड़ की घड़ी

    पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘‘निशानेबाज, क्रिकेट के खिलाड़ी देश के लिए नहीं, सिर्फ अपनी कमाई के लिए खेलते हैं. इस समय क्रिकेट के आलराउंडर हार्दिक पंड्या की बेशकीमती घड़ियां चर्चा में हैं. मुंबई हवाई अड्डे पर उनकी 2 रिस्टवॉच जब्त कर ली गई जो वे दुबई से अपने साथ लाए थे. पंड्या का दावा है कि वे घड़ियां 5 करोड़ रुपए की न होकर 1.5 करोड़ रुपए की हैं और वे इन पर कस्टम ड्यूटी देने को तैयार हैं. आपका पंड्या की घड़ियों के बारे में क्या विचार है?’’ 

    हमने कहा, ‘‘पंड्या शुभ घड़ी या अच्छा मुहूर्त देखकर घड़ी खरीदते तो इस मुसीबत में न फंसते. उन्होंने राहु काल में रिस्टवाच खरीदी होंगी. जहां तक 5 करोड़ की मूल्यवान घड़ी की बात है, हम यही कह सकते हैं कि बड़ों की बात बड़ी है, घड़े में पड़ी घड़ी है. घड़ीवाले इन दिनों मुश्किलें झेल रहे हैं. एनसीपी का चुनाव चिन्ह घड़ी है जिसमें हमेशा 10 बजकर 10 मिनट का फिक्स टाइम रहता है. 

    एनसीपी नेता व पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख न्यायिक हिरासत में हैं. उन्होंने घर के खाने की मांग की तो कोर्ट ने कह दिया कि पहले जेल की रोटी खाओ. छोटे बच्चे जब खेलते हैं तो गाते हैं- चाय की पत्ती पोसंपा भई पोसंपा, डाकिए ने क्या किया भई क्या किया, सौ रुपए की घड़ी चुराई अब तो जेल में जाना पड़ेगा, सूखी रोटी खानी पड़ेगी, ठंडा पानी पीना पड़ेगा.” 

    पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, बात 100 रुपए की घड़ी की नहीं, 5 करोड़ की रिस्टवाच की है जिसमें पता नहीं कौन से हीरे जड़े हैं. उसका ब्रांड भी नहीं मालूम! पता नहीं रोलेक्स की है, कार्टियर की या सीको की! टाइम तो हजार रुपए की घड़ी या मोबाइल में भी दिखता है, फिर करोड़ों की घड़ी की क्या जरूरत थी?’’ हमने कहा, ‘‘घड़ी मर्दों का आभूषण है, उनका स्टाइल स्टेटमेंट है. महंगी घड़ी से ऊंची हैसियत दिखती है. पंड्या आलराउंडर हैं तो उनकी घड़ी का डायल भी राउंड होगा.’’ 

    हमने कहा, ‘‘बीजेपी नेता मानकर चल रहे हैं कि महाराष्ट्र की आघाड़ी सरकार अपनी अंतिम घड़ियां गिन रही है. मुख्यमंत्री की रीढ़ का आपरेशन हुआ है. उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के रिश्तेदारों के यहां छापे पड़े हैं. दूसरी ओर मोदी की वजह से बीजेपी का टाइम बढ़िया चल रहा है. घड़ी का बड़ा महत्व है. शादी-ब्याह के वक्त गीत गूंजता है- बाजे बाजे रे शहनाई, ढोला थारे नाम री, आई शुभ घड़ी देखो, म्हारे आँगन आज री.”