तू डाल-डाल, मैं पात-पात कोरोना का विश्वासघात नए रूप में देगा आघात

पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘‘निशानेबाज, (Nishanebaaz) यह कोरोना बड़ा छलिया है. दुनिया से रफा-दफा हो जाने की बजाय रूप बदलकर आता है. इसके लिए यह भी नहीं कह सकते- चांद पुराना लगता है, रूप सुहाना लगता है, तेरे आगे ओ जानम! नए किस्म का कोरोना वायरस(Coronavirus) पहले वाले से भी 70 प्रतिशत ज्यादा संक्रमण फैलाने वाला अर्थात और ज्यादा खतरनाक है. ब्रिटेन में मिले कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन (New Coronavirus strain) को वीयूआई- 2020/12/01 का नाम दिया गया है. इसके नए रूप से भारत में भी दहशत का माहौल है.’’

हमने कहा, ‘‘इधर वैज्ञानिक कोरोना की वैक्सीन विकसित कर रहे हैं और उधर वह अपनी शक्ल बदलकर नए सिरे से आघात करने जा रहा है. यह मानवता के साथ कितना बड़ा विश्वासघात है. विश्व के वैज्ञानिकों को दम मारने की फुरसत नहीं है. उन्होंने जी-जान लगाकर कुछ ही महीनों में कोविड-19 की वैक्सीन तैयार की जबकि किसी भी वैक्सीन को विकसित करने, ट्रायल लेने, प्रमाणित होने, मैन्युफैक्चर होने और जनता तक आने में सामान्य रूप से 10 वर्ष लग जाते हैं. इस बार कोरोना की भीषणता को देखते हुए यह काम बहुत तेजी से किया गया. वैक्सीन आने की खबर से दुनिया ने राहत की सांस ली ही थी कि कोरोना नया और ज्यादा घातक स्ट्रेन लेकर आ गया. हम तो सोच रहे थे कि वैक्सीन आने से 2020 खत्म होने के साथ कोरोना भी बाय-बाय कर कहेगा- अच्छा चलता हूं, दुवाओं में याद रखना! यह पुराणों में वर्णित उस रक्तबीज राक्षस के समान मालूम पड़ता है जिसके खून की बूंद जमीन पर गिरते ही नए-नए राक्षस पैदा हो जाते थे.’’ पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, अब तो ऐसा सुपर वैक्सीन विकसित करना होगा जो नए स्ट्रेन से भी लड़ने की क्षमता रखता हो. विश्व को 3 मोर्चों पर इस संकट से जूझना होगा.

पहले तो इस नए स्ट्रेन के आने की वजह जानना, दूसरा इसके प्रसार को रोकना और तीसरा उस वैक्सीन की खोज जो इस पर भी उतनी ही कारगर हो!’’ हमने कहा, ‘‘नए घातक स्ट्रेन वाले कोरोना का टीका खोजने के लिए वैज्ञानिकों पर और स्ट्रेस या तनाव आएगा. इसके अलावा किसी को भी भारत से ब्रिटेन या ब्रिटेन से भारत आने-जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. पता नहीं कौन अपने साथ नये किस्म का घातक कोरोना वायरस लेकर आ जाए! महात्मा गांधी ने पहले ही अपने भारत छोड़ो आंदोलन से अंग्रेजों को भगा दिया था.’’ पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, यह मत भूलिए कि प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन को गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया है. कहीं वे अपने साथ कोरोना का नया स्ट्रेन न ले आएं.’’ हमने कहा, ‘‘इतना भी मत डरिए. गब्बरसिंह ने कहा था- जो डर गया, समझो मर गया!’’