क्वीन एलिजाबेथ का अंदाज नया, 95 साल की उम्र में भी खुद को नहीं मानती बुढ़िया

    पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘‘निशानेबाज, यह भी क्या बात हुई कि बूढ़े खुद को बूढ़ा कहलाना पसंद नहीं करते और जवान होने का भ्रम पाले रहते हैं. उनका मन स्वीकार नहीं करता कि वे बुजुर्ग हो गए हैं. अब देखिए न, ब्रिटेन की 95 वर्षीया महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने खुद को बुढ़िया मानने से इनकार कर दिया. एक ब्रिटिश पत्रिका ने उन्हें ओल्डी आफ द इर्यर (वर्ष की बुजुर्ग महिला) के रूप में सम्मानित करना चाहा तो महारानी ने यह आफर ठुकरा दिया. उनकी ओर से उनके निजी सहायक सचिव ने पत्र लिखा कि महारानी मानती हैं कि उम्र सिर्फ एक आंकड़ा है कोई व्यक्ति खुद को जैसा महसूस करता है वैसी उसकी उम्र होती है. वे बुजुर्गियत की श्रेणी में नहीं आतीं इसलिए यह सम्मान किसी और उपयुक्त व्यक्ति को दे दिया जाए.’’ 

    हमने कहा, ‘‘महारानी की सोच युवा है लेकिन क्या कोई 95 वर्ष की उम्र में जवान रह सकता है. बढ़ती उम्र में शरीर के सेल्स (कोशिकाएं) टूटते हैं और नए बनने की रफ्तार कम हो जाती है. बुजुर्ग के दांत टूट जाते हैं, बालों में चांदी छा जाती है, आंख से कम दिखाई देने लगता है, श्रवण शक्ति में भी कुछ कमी आ जाती है.’’ 

    पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज आज हर चीज का इलाज है. बाल रंगे जा सकते हैं, नकली दांतों की बत्तीसी लगाई जा सकती है वह भी परमानेंट फिटिंग के साथ. कैटरेक्ट का आपरेशन करा लो तो आंख नए लेंस से बढ़िया देखने लग जाती है. साइंस ने हर चीज आसान बना दी है. इसके अलावा व्यक्ति स्वस्थ, खुश और संतुष्ट रहे, अपनी हॉबी पूरी करे, स्वयं को व्यस्त रखे, गर्मजोशी से सामाजिक संपर्क बनाए रखें. पाजिटिव सोच रखे तो बुढ़ापा भी खुशनुमा बन जाता है. बुढ़ापे में अपना खुद का पैसा रहे तो स्वाभिमान भी बना रहता है. ब्रिटेन की महारानी अत्यंत साधन संपन्न हैं. इसलिए उनके बकिंघम पैलेस तक बुढ़ापा आ ही नहीं सकता. उनके पति डयूक आफ एडिनवर्ग प्रिंस फिलिप जो कि हमेशा ‘घर-दामाद रहे’, इसी वर्ष 99 वर्ष 11 माह की आयु में गुजर गए. 

    हमने कहा, ‘‘महारानी की लंबी उम्र की वजह से उनके 70 साल के बेटे प्रिंस चार्ल्स को राजगद्दी नहीं मिल पा रही है.’’ हमने कहा, ‘‘ऐसा ही क्वीन विक्टोरिया के समय हुआ था जो 61 वर्ष तक राज सिंहासन पर विराजमान रहीं और उनका बेटा एडवर्ड सप्तम भी तब तक बूढ़ा और पूरी तरह गंजा हो गया था.’’