याद दिलाने प्यार के सुनहरे पल, बुरहानपुर में भी बना ताजमहल

    पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘‘निशानेबाज, मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में बादशाह शाहजहां की बेगम मुमताज महल का निधन 1631 में हुआ था. मुमताज की याद में शाहजहां ने आगरा में ताजमहल बनवाया था. अब बुरहानपुर में आनंद प्रकाश चौकसे नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी मंजूषा की खुशी के लिए ताजमहल की आकृति का घर बनवाया है.’’ 

    हमने कहा, ‘‘मकान को मकबरे जैसा बनवाने की क्या जरूरत, कोई और डिजाइन का भी तो बनवाया जा सकता था.’’ पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, प्रेम की कद्र करना सीखिए. आनंद प्रकाश ने 30 माह में ताजमहल जैसा मकान बनवाया जिसमें 4 मीनारें भी हैं. ये मीनारें 2 अंश झुकी हुई हैं ताकि कभी गिरें तो मुख्य भवन को नुकसान न पहुंचे. 8100 वर्गफीट में बने इस ताजमहल जैसे घर में 4 बेडरूम, एक लाइब्रेरी और एक प्रार्थना कक्ष है. 

    ताजमहल की कॉपी करना बहुत कठिन काम था इसलिए इंजीनियरों के दल को आगरा भेजा गया जिन्होंने नजदीक से ताजमहल का निरीक्षण किया. घर में नक्काशी करने के लिए बंगाल और इंदौर से कारीगर बुलवाए गए. मकान में मकराना का ऊंचे दर्जे का संगमरमर इस्तेमाल किया गया जिससे असली ताजमहल बना है. घर में और बाहर की ओर ऐसी लाइटिंग की गई कि अंधेरे में भी यह ताजमहल जैसा घर जगमगाता है.’’ 

    हमने कहा, ‘‘ऐसा है तो बुरहानपुर और आसपास के लोगों को 800 किलोमीटर दूर आगरा जाने की जरूरत नहीं. वे अपने शहर में ही ताजमहल देख लेंगे.’’ पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, ताजमहल अमर प्रेम का प्रतीक है जिसे देखने दुनिया भर से लोग आते हैं. शकील बदायुनी ने लिखा था- एक शहंशाह ने बनवा के हसीं ताजमहल, सारी दुनिया को मोहब्बत की निशानी दी है. इसके जवाब में साहिर लुधियानवी ने लिखा था- एक शहंशाह ने दौलत का सहारा लेकर, हम गरीबों की मोहब्बत का उड़ाया है मजाक, मेरे महबूब कहीं और मिला कर मुझसे.’’