तू डाल-डाल, मैं पात-पात, नेता बता रहे औकात कहीं शह, कहीं मात

    पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘‘निशानेबाज, महाराष्ट्र की राजनीति कितने छिछले स्तर पर जा पहुंची है. सहनशीलता और शालीनता को ताक पर रखकर पक्ष और विपक्ष के नेता एक दूसरे के कपड़े उतारने में लगे हैं. यह सिर्फ पंगा नहीं है बल्कि अपने विरोधी को नंगा करने का कृत्य है. सारी मर्यादा नष्ट हो गई है.’’ हमने कहा, ‘‘इससे आपको क्यों कष्ट हो रहा है. अखबारों को रोज नया मसाला मिल रहा है. नेता एक दूसरे की पोल खोलकर अपना ढोल बजाने में लगे हुए हैं. 

    आप तो बस तमाशा देखते जाइए कि राजनीति इस समय मस्ती की पाठशाला बनी हुई है जिसमें फ्री स्टाइल कुश्ती लड़ी जाती है.’’ पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज एक नेता हाइड्रोजन बम फोड़ने का दावा करता है तो दूसरा नेता उसे फुसकी बम करार देता है. ड्रग्स प्रकरण से बात शुरु हुई तो बहुत दूर तक चली गई. कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक पूर्व सीएम व बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस से भिड़ रहे हैं. नवाब का कहना है कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का दोस्त रियाजभाई देवेंद्र का करीबी रह चुका है. 

    दूसरी ओर अंडरवर्ल्ड वालों की संपत्ति बेहद कम दाम में खरीदने का मलिक पर आरोप लगाया गया है. मलिक ने कहा कि करोड़ों रुपए के जाली नोटों का मामला देवेंद्र के संरक्षण में दबाया गया.’’ हमने कहा, ‘‘इस कीचड़-उछाल राजनीति से यही संदेश जा रहा है कि कोई भी नेता दूध का धुला नहीं है. रोज एक ना एक पुड़िया छोड़ी जा रही है. ये नेता आपसी लड़ाई में जनता को भूल गए. एक नेता दूसरे नेता के दामन को दागदार बता कर आत्म सुख की अनुभूति कर रहा है. 

    किसी को पश्चाताप नहीं है कि लागा चुनरी के दाग छुपाऊं कैसे. किसी को हरिओम शरण का भजन भी याद नहीं आ रहा है- मैली चादर ओढ़ के कैसे पास तिहारे आऊं.’’ पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, अब तो महिलाएं भी मैदान में कूद पड़ी हैं. नवाब मलिक की बेटी नीलोफर ने देवेंद्र फडणवीस को 5 करोड़ का कानूनी नोटिस भेज दिया तो देवेंद्र की पत्नी अमृता ने भी नवाब पर मानहानि का दावा किया है. होना तो यह चाहिए कि सभी खामोश बैठ जाएं क्योंकि कहा गया है- बंधी मुटठी लाख की, खुली तो प्यारे खाक की!’’