प्रणब मुखर्जी का 13 नंबर से रखा है खास नाता, जानें उनसे जुड़ी अनसुने रोचक किस्से

देश के 13वें राष्ट्रपति रहे प्रणब मुखर्जी का (Pranab Mukherjee Birthday) आज जन्मदिन है। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का जन्म 11 दिसंबर 1935 में पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के एक गांव में हुआ था। प्रणब ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत साल 1969 में की थी, जब वह पहली बार राज्यसभा से चुनकर संसद में आए थे। भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira gandhi) ने प्रणब की योग्यता को पहचाना और महज 35 वर्ष की आयु में उन्हें कांग्रेस पार्टी की ओर से राज्यसभा का सदस्य चुना गया। इसके बाद भी वे 1975, 1981, 1993 और 1999 में राज्यसभा के लिए फिर से निर्वाचित हुए। प्रणब मुखर्जी कई विवादों में भी घिरे रहे। उनके जीवन में 13 अंक से खास नाता रहा है। तो चलिए जानते हैं  प्रणब मुखर्जी से जुड़े रोचक बातें।

अंक 13 से रहा है अनोखा नाता 

इसे महज संजोग कहा जाता है कि, भारत के पूर्व राष्ट्रपति का 13 से अनोखा नाता रहा है। वह भारत के 13वें राष्ट्रपति बने और दिल्ली में उनके पास 13 नंबर का बंगला है। वहीं उनकी शादी की सालगिरह भी 13 तारीख को ही हुई थी। 

प्रणब बचपन से रहे हैं जिद्दी 

बताया जाता है कि, प्रणब मुखर्जी बचपन से ही जिद्दी स्वभाव के थे। शुरुआती शिक्षा के दौरान उन्होंने अपनी जिद्द के चलते डबल प्रोमोशन पाया। प्रणब के माता-पिता उनका एडमिशन मिराती गांव में स्थित स्कूल के कक्षा दूसरी में करना चाहते थे, परंतु प्रणब ने स्कूल जाने से साफ इनकार कर दिया। प्रणब मुखर्जी चाहते थे कि, उनका एडमिशन किरनाहर स्थित स्कूल में हो लेकिन स्कूल 5वीं कक्षा से था। इस स्कूल में एडमिशन लेने के लिए उन्होंने परीक्षा दी और उसे पास भी करके दिखाया। जिसके बाद उन्हें कक्षा पांच में प्रवेश मिला।

बहन ने प्रणब कही थी ये खास बात 

प्रणब मुखर्जी की बहन ने कहा तुम्हें इसी जन्म में मिलेगा मौका प्रणब मुखर्जी जब साल 1969 में राज्यसभा के सदस्य बने। उनका घर राष्ट्रपति ठिकाने के ही पास था। बताया जाता है कि प्रणब मुखर्जी को अपने घर से ही राष्ट्रपति भवन को खूब निहारते थे। एक रोज उन्होंने राष्ट्रपति की घोड़े वाली बग्गी को देखा तो उनसे रहा नहीं गया और अपनी बहन अन्नापूर्णा बनर्जी से दिल की बात कह दी। उन्होंने अपनी बहन से कहा कि इस आलीशान राष्ट्रपति भवन का आनंद उठाने के लिए वो अगले जन्म में घोड़ा बनना पसंद करेंगे। इसके बाद उनकी बहन ने कहा था कि, इसके लिए तुम्हें अलगे जन्म तक नहीं रूकना पड़ेगा। बल्कि इस जन्म में ही आपको भवन में रहने का मौका मिलेगा।

प्रत्याशी रहते हुए डाला वोट 

डॉ फखरूद्दीन अली अहमद और ज्ञानी जैल सिंह के बाद प्रणब मुखर्जी तीसरे व्यक्ति हैं, जिन्होंने राष्ट्रपति के उम्मीदवार रहते हुए वोट डाला।