शरद पवार बड़े नेता हैं लेकिन… शिवसेना के नेता सिर्फ ठाकरे

    महाविकास आघाड़ी सरकार में भीतर ही भीतर खलबली मची हुई है. शिवसेना की अकड़ बरकरार है. उसके नेता समय-समय पर तीखे शब्दों में सहयोगी दलों को उनकी हैसियत बताते रहते हैं. आघाड़ी में ताजा विवाद शिवसेना नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनंत गीते के बयान से उत्पन्न हुआ है. उन्होंने आघाड़ी के शिल्पकार कहे जाने वाले महाराष्ट्र के दिग्गज नेता शरद पवार को निशाने पर लेते हुए कहा कि एनसीपी का जन्म कांग्रेस की पीठ में खंजर घोंप कर हुआ है.

    शरद पवार शिवसैनिकों के गुरु नहीं हो सकते. शिवसेना के नेता तो सिर्फ बाल ठाकरे हैं. गीते ने कहा कि पवार को कोई कितना ही बड़ा नेता कहे, कितनी भी उपाधियां दे लेकिन वे हमारे नेता नहीं हो सकते. पहले कांग्रेस और एनसीपी नेता एक दूसरे का मुंह नहीं देखते थे. इन दोनों पार्टियों की सोच भी एक नहीं है. यदि दोनों कांग्रेस की विचारधारा एक नहीं हो सकती तो शिवसेना की विचारधारा भी उनसे मेल नहीं खा सकती. महाविकास आघाड़ी के नेता आघाड़ी को संभालेंगे लेकिन हमें अपने क्षेत्र और शिवसेना की चिंता करना है.

    अपनी शक्ति बढ़ानी होगी

    अनंत गीते ने शिवसैनिकों से कहा कि महाविकास आघाड़ी का गठजोड़ केवल सत्ता के लिए एक समझौता है. जिस दिन महाविकास आघाड़ी टूट जाएगी, उस दिन क्या होगा? मैं महाविकास आघाड़ी टूटने के लिए शाप नहीं दे रहा हूं पर जिस दिन आघाड़ी टूटेगी, उस दिन हमें अपने ही घर आना पड़ेगा. इसलिए हमें अपना घर मजबूत करना होगा. महाराष्ट्र में अपनी सरकार है क्योंकि मुख्यमंत्री अपने हैं, बाकी एनसीपी-कांग्रेस से हमारा कोई लेना-देना नहीं है.

    शिवसेना ने बयान से किनारा किया

    शिवसेना के प्रवक्ता ने स्थिति को संभालते हुए कहा कि गीते का बयान उनकी निजी राय है. शरद पवार देश के बड़े नेता और महाविकास आघाड़ी के प्रमुख स्तंभ हैं. अगर पवार न होते तो राज्य में महाविकास आघाड़ी की सरकार नहीं बनती और शिवसेना को मुख्यमंत्री पद नहीं मिलता. राज्य सरकार से गीते का क्या संबंध है? सरकार उद्धव ठाकरे चला रहे हैं. भविष्य में किसके साथ गठबंधन करना है, यह शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे तय करेंगे. फिलहाल हमने महाविकास आघाड़ी के साथ सरकार चलाने का फैसला किया है. यह सरकार 5 वर्ष चलेगी. इस गठबंधन को महाराष्ट्र ने मंजूरी दी है. पवार के प्रयास से ही कांग्रेस और शिवसेना को एकसाथ खड़ा कर महाराष्ट्र में सरकार का गठन संभव हो सका है.

    तटकरे ने गीते को खरी-खरी सुनाई

    अनंत गीते के पवार विरोधी बयान पर एनसीपी सांसद सुनील तटकरे ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर शरद पवार आपके नेता नहीं हो सकते हैं तो फिर उस समय आपने उनके पैर क्यों छुए थे जब महाविकास आघाड़ी सरकार का गठन हुआ था? गीते का पवार पर टिप्पणी करने का मतलब सूर्य की ओर थूकना है क्योंकि पवार देश के नेता और महाविकास आघाड़ी के जनक हैं. 2019 का लोकसभा चुनाव हारने की वजह से गीते निराश हो गए हैं. इसी हताशा में उन्होंने यह बयान दिया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि गीते ने शरद पवार को लेकर जो बयान दिया है, उससे कांग्रेस को कोई लेना-देना नहीं है. हम विपरीत परिस्थितियों में बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए साथ आए थे. हमारी नेता सोनिया गांधी ने गठबंधन की शुरुआत में ही यह साफ कर दिया था कि यह गठबंधन किन हालात में और किस मकसद से किया जा रहा है.