उपचुनावों में गुजरात के विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप

गुजरात में 8 विधानसभा सीटों के उपचुनाव के दौरान बीजेपी विधायक गोविंद परमार  (Govind Parmar) और उसी पार्टी के सांसद मितेश पटेल (Mitesh Patel) के आपसी टकराव ने संगठन को झकझोर कर रख दिया है. जातिवाद और विधायकों की खरीद-फरोख्त के खुले आरोप लग रहे हैं. गोविंद परमार ने विधायक पद से इस्तीफे की धमकी देते हुए कहा कि अमूल डेयरी के चुनाव में सांसद मितेश पटेल ने जातिवादी (Racism) राजनीति खेलकर मुझे हराया. गुजरात में अमूल डेयरी के चुनाव काफी मायने रखते हैं. इस चुनाव ने ही बीजेपी में बवाल खड़ा कर दिया है. पार्टी परमार और पटेल के बीच सुलह कराने की कोशिश कर रही है  क्योंकि उपचुनाव के बीच इस्तीफे से गलत संदेश जाएगा. उपचुनावों में एक-एक सीट जीतकर जहां रुपानी सरकार विधानसभा में खुद को मजबूत करने में जुटी है, वहीं एक इस्तीफा सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकता है. सरकार व पार्टी संगठन किसी भी स्थिति में ऐसा होने नहीं देना चाहते. गुजरात में 8 सीटों के उपचुनाव में बीजेपी और कांग्रेस ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है. बीजेपी पर खरीद-फरोख्त के आरोप लग रहे हैं. दोनों पार्टियों ने उपचुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना दिया है.

विधायकी छोड़ने के लिए 52 करोड़ की पेशकश

कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने बीजेपी पर कांग्रेस विधायकों को खरीदने का आरोप लगाया. राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले जून माह में विधानसभा से इस्तीफा देने के बाद बीजेपी के टिकट पर कर्जन सीट से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस विधायक अक्षय पटेल ने बताया कि उन्हें पिछले दिनों अपने पद को छोड़ने के लिए 52 करोड़ रुपए की मोटी रकम देने की पेशकश की गई थी. अक्षय पटेल ने खुलकर कहा कि कांग्रेस नेता परेश धनानी कहते हैं कि मुझे 16 करोड़ रुपए में खरीदा गया है. मैं उनको बता दूं कि इस बारे में उन्हें कम ज्ञान है. मुझे तो पिछले दिनों तक फार्महाउस में मीटिंग के दौरान विधायकी छोड़ने के लिए 52 करोड़ रुपए की पेशकश की गई थी लेकिन मैंने वह ऑफर ठुकरा दिया. अक्षय पटेल ने सफाई देते हुए कहा कि मैं इन सब धंधों में नहीं हूं. मैंने अब तक जो भी कमाया, अपने व्यवसाय के जरिए कमाया. मेरे पास शक्कर मिलें हैं. यद्यपि अक्षय पटेल ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह ऑफर उन्हें किसने दिया था, लेकिन कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने टिप्पणी की कि एक विधायक को 52 करोड़ रुपए का इतना बड़ा ऑफर गुजरात और देश में राज करने वाली पार्टी के अलावा और कौन दे सकता है? हमने देखा है कि मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, गोवा, कर्नाटक और मध्यप्रदेश में क्या हुआ था.

BJP प्रदेश अध्यक्ष की सफाई

गुजरात प्रदेश बीजेपी के नए अध्यक्ष सीआर पाटिल ने परेश धनानी द्वारा लगाए गए आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि बीजेपी में कोई खरीद-फरोख्त नहीं होती. धनानी को टि्वटर पर ट्वीट करने के अलावा कोई काम नहीं है. गुजरात में पार्टी की सरकार और संगठन के बीच कोई मतभेद नहीं है. पाटिल ने यह भी कहा कि अब से किसी भी कांग्रेसी विधायक को बीजेपी में प्रवेश नहीं दिया जाएगा.