कर्नाटक के BJP मंत्री को मुस्लिमों से परहेज

मुस्लिमों (Muslims) ने पहले जनसंघ और फिर बीजेपी को हिंदुओं की पार्टी माना है. उनकी इस धारणा को दूर करने में बीजेपी कभी सफल नहीं हो पाई. यद्यपि बीजेपी (BJP) ने मुख्तार अब्बास नकवी और मुजफ्फर हुसैन जैसे नेताओं को मंत्री बनाया तथा मुस्लिम युवा मोर्चा भी गठित किया, फिर भी उसे मुस्लिम विरोधी पार्टी माना जाता रहा है. समय-समय पर बीजेपी से जुड़े साध्वी प्रज्ञासिंह ठाकुर, साक्षी महाराज, साध्वी प्राची जैसे नेताओं के बयानों से मुस्लिम विरोध प्रकट होता रहा है. यद्यपि बड़े नेता अपने बयानों में संयमित रहते हैं लेकिन निचले स्तर पर वे पार्टीजनों की भावना रोक नहीं पाते. वैसे भी बीजेपी कांग्रेस के समान अल्पसंख्यक तुष्टिकरण में विश्वास नहीं रखती. उसका राष्ट्रवाद पर जोर है.

दिल की भावनाएं कभी न कभी खुलकर सामने आ ही जाती हैं. कर्नाटक के बेलगावी लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को देखते हुए बीजेपी नेता व कर्नाटक के ग्रामीण विकास मंत्री केएस ईश्वरप्पा (KS Eshwarappa) का बयान आया है कि वह किसी हिंदू समुदाय के व्यक्ति को टिकट दे सकते हैं लेकिन किसी मुस्लिम को नहीं! यह बात वे खुलकर नहीं कहते तो भी काम चल सकता था लेकिन सार्वजनिक रूप से उनके ऐसे बयान से पार्टी का मुस्लिम विरोधी दृष्टिकोण सामने आ गया है. ईश्वरप्पा ने कहा कि बेलगावी हिंदुत्व का केंद्र है और हिंदुत्व समर्थकों में से किसी एक को टिकट दिया जाएगा. हम लिंगायत, वोक्कालिंगा, कुरुबा या ब्राह्मण में से किसी को भी टिकट दे सकते हैं लेकिन निश्चित रूप से किसी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया जाएगा. हम कर्नाटक में मुस्लिमों को उम्मीदवारी नहीं देंगे. उन्होंने मुस्लिम समुदाय से कहा कि आपको हमारे ऊपर यकीन नहीं है. पहले हमारे ऊपर यकीन कीजिए.